फतेहाबाद। फतेहाबाद वाहन रजिस्ट्रेशन कार्यालय में पुराने मॉडल के वाहनों को नए मॉडलों के तहत रजिस्टर्ड करने का बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट से बीएस-2 वाहनों पर प्रतिबंध के आदेशों के बाद ऐसे वाहनों को ‘एडजस्ट’ करने की नीयत से जिले के बाहर के वाहनों को फतेहाबाद में लाकर रजिस्टर्ड किया गया। इतना ही नहीं एक-एक व्यक्ति के नाम चार-चार और पांच-पांच वाहन तक रजिस्टर्ड किए गए हैं। सीएम विंडो पर शिकायत जाने के बाद अब इस मामले की जांच शुरू हुई है तो शिकायतकर्ता को संबंधित वाहनों के सरकारी कागजों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के लिए एसडीएम को ज्ञापन तक सौंपना पड़ा है। इतना ही नहीं, मामले की एक विस्तृत शिकायत सीएम विंडो पर भी भेजी गई है।
ये है मामला
साल 2014 में हिसार के एक वाहन शोरूम बिमला ऑटोमोबाइल को पारिवारिक विवाद के चलते सील कर दिया गया और तत्कालीन तहसीलदार की मौजूदगी में इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। जिस समय ये शोरूम सील किया गया, उस समय 20 से अधिक एलएमएल स्कूटर एवं चार के करीब क्रूजर गाड़ियां खड़ी थीं। बाद में जुलाई 2018 में कोर्ट के आदेश पर सील खोली गई थी और 2019 में एक ही माह में सभी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया। हैरानी की बात ये है कि हिसार के शोरूम के वाहनों को फतेहाबाद से रजिस्टर्ड कर दिया गया जबकि कागजों में खरीददार भी हिसार के ही रहने वाले हैं। अब चूंकि मामला खुला है तो शिकायतकर्ताओं को ये डर सताने लगा है कि कहीं रजिस्ट्रेशन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर इन वाहनों के कागजों में कोई गड़बड़ न कर दी जाए। इसीलिए हिसार निवासी राजीव सरदाना एवं मोहित कत्याल ने इस मामले में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। एसडीएम संजय बिश्नोई ने भी इस मामले में ज्ञापन मिलने की बात कुबूल की है।
एक-एक व्यक्ति के नाम चार-चार वाहन किए
जुलाई 2018 में हिसार स्थित शोरूम की सील खोली गई और शोरूम के ये सारे वाहन जनवरी 2019 में ही रजिस्टर्ड कर दिए गए। इतना ही नहीं, इनमें से हिसार निवासी ओमप्रकाश के नाम चार स्कूटर, नितिन नामक व्यक्ति के नाम पर भी कई स्कूटर, कई स्कूटर अंकुश निवासी हिसार एवं चार स्कूटर कुकड़ेजा के नाम पर रजिस्टर्ड करवा दिए गए। इसके अलावा कुलदीप, रवि, राकेश, केशव आदि के नाम भी ये स्कूटर रजिस्टर्ड कर दिए गए। सूत्रों की मानें तो हालांकि ये लोग आपस में रिश्तेदार नहीं हैं लेकिन एक ही ग्रुप के हैं और आपस में दोस्त हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन वाहनों को स्वीकार्य मानक में रजिस्टर्ड दिखाकर इन सभी वाहनों को लुधियाना के सबसे बड़े वाहन बाजार में बेचने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले ही ये सारा मामला खुल गया।
चार क्रूजर गाड़ियां हिसार चोलामंगलम कंपनी से हैं फाइनेंस, लेकिन वो भी रजिस्टर्ड फतेहाबाद में
इसके अलावा शोरूम में खड़ी रही चार क्रूजर गाड़ियों को भी बीएस-4 इंजन के साथ दिखाकर फतेहाबाद से ही रजिस्टर्ड कर दिया गया जबकि इन गाड़ियों को चोलामंगलम फाइनेंस के हिसार स्थित कार्यालय से फाइनेंस किया गया। इतना ही नहीं, अपने रद्द हो चुके इंजन वाली दो स्कूल बसों को भी इसी तरह से फर्जीवाड़ा कर रजिस्टर्ड किया गया। हिसार स्थित एक निजी स्कूल के नाम से दो स्कूल बसें रजिस्टर्ड करवाई गई, लेकिन वास्तव में स्कूल प्रबंधन ने इस संदर्भ में कोई स्कूल बस होने से साफ ही इंकार कर दिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद अब स्कूल प्रबंधन इस मामले में कार्रवाई का मन बना रहा है।
वर्जन
अभी तक सीएम विंडो के मार्फत मेरे पास शिकायत नहीं आई है। अगर आती है तो इसकी जांच की जाएगी। शिकायतकर्ता मेरे पास ज्ञापन दे गए थे कि कुछ वाहनों के रजिस्टे्रशन कागजों की सुरक्षा होनी चाहिए। हमारे यहां सभी कागज पूरी तरह सुरक्षित हैं और ये हमारा काम है।
- संजय बिश्नोई, एसडीएम, फतेहाबाद।