आबकारी विभाग जिले की 30 पंचायतों के एतराज के बावजूद 29 गांवों में शराब के ठेके खोलने पर आमादा है। विभाग ने इसके पीछे इन गांवों में अवैध शराब के मामले पकड़े जाने के नियमों का हवाला देते हुए पंचायतों के प्रस्ताव मानने से इंकार कर दिया। दूसरी ओर विभिन्न गांवों की पंचायतें इस मामले को उच्चाधिकारियों के पास ले जाने के तैयारी में हैं। विभाग की इस कार्यवाही से गांवों की पंचायतों में असंतोष की स्थिति है। जिला आबकारी एवं कराधान नियंत्रक डॉ. आनंद सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
जिले में 258 पंचायतें हैं। इन में कई पंचायतों के साथ एक से अधिक गांव भी पड़ते हैं। गांव में शराब पीकर हुड़दंग मचाने एवं अवैध शराब की बिक्री के कारण आपसी भाईचारा बिगड़ने की कई शिकायतें पुलिस प्रशासन को मिलती रहती हैं। ग्रामीणों की मांग के चलते फैसला लिया था कि जो ग्राम पंचायत सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर गांव में शराब का ठेका या खुर्दा बंद करवाना चाहेगी, उस गांव में विभाग शराब का ठेका नहीं खोलेगा। सरकार के आदेशों पर जिले की तीस ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव पास कर संबंधित विभाग को दे दिए।
ये प्रस्ताव आबकारी विभाग के कमिश्नर के पास चंडीगढ़ भेजे गए, जहां लिखित रूप में इन प्रस्तावों को इस टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया कि 30 में से 29 गांवों में पंचायत पिछले दो सालों से अवैध शराब की बिक्री तक नहीं रोक सकी। बाकायदा इसमें पुलिस में आबकारी अधिनियम के तहत कई केस दर्ज हैं। अगर इन गांवों में ठेके नहीं खोले गए तो यह अवैध शराब की तस्करी के नए अड्डे बन जाएंगे। जब तक पंचायतें पूरे गांव में ऐसे तत्वों पर नकेल नहीं कसती, तब तक इन गांवों में शराब के ठेके औपचारिक रूप से बंद नहीं किए जा सकते। जबकि मुख्य रूप से एक गांव का कमिश्नर ने जिक्र किया कि जाखल के गांव चुहड़पुर में शराब का ठेका नहीं खुलेगा क्योंकि इस गांव में पिछले दो सालों में आबकारी अधिनियम का कोई केस नहीं आया और ना ही कोई शिकायत मिली। इसलिए इस गांव में शराब का ठेका ना खोलने के पंचायत के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया गया।
इन गांवों ने शराब का ठेका ना खोलने के लिए किया प्रस्ताव पारित
आबकारी विभाग के अनुसार, गांव बहबदहलपुर, मूसाखेड़ा, मानावाली, चुहड़पुर, अलालवास, खुंबर, मोचीवाली, ठरवी, नाढोड़ी, हंसेवाला, शक्करपुरा, बनावाली, अलीका, पालसर, नढ़ैल, रतनगढ़, बनगांव, एमपी रोही, धांगड़, डांगरा, काजलहेड़ी, धारनियां, भोडाहोशनाक, ढाणी भोजराज, ढाणी सांचला, डुल्ट, टिब्बी, जाखल गांव, गोरखपुर, शेखुपुर ढड़ौली की पंचायतों ने शराब के ठेके ना खोलने का प्रस्ताव आबकारी विभाग को दिया था, जिसमें विभाग ने महज चूहड़पुर को छोड़कर बाकी सभी पंचायतों के प्रस्ताव रद्द कर दिए।
तीस ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव शराबबंदी के लिए आए थे, जिसे चंडीगढ़ भेज दिया गया था। लेकिन वहां से एतराज लगने के बाद 29 पंचायतों के प्रस्ताव को नियमों के चलते रद्द कर दिया गया, क्योंकि इन गांवों में पंचायतें अवैध शराब पर नकेल नहीं कस पाई थी।
- डॉ. आनंद सिंह, जिला आबकारी एवं कराधान नियंत्रक, फतेहाबाद