सरदुलगढ़ रोड पर पुलिस, गुप्तचार विभाग की टीम व सीआईए की टीम ने एक बंद पड़े गोदाम में जिप्सम उर्वरक में मिलावट किए जाने की आशंका को लेकर मंगलवार को छापा मारा और गोदाम के दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
बाद में पुलिस ने इसकी जानकारी कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही कृषि विभाग के अधिकारियों की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
टीम ने जिप्सम से संबंधित डीलर व फैक्टरी मालिक को बुधवार को दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए तलब किया है।
रतिया पुलिस और गुप्तचर विभाग के कर्मचारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि सरदुलगढ़ रोड स्थित एक कंपनी के गोदाम में जिप्सम में मिलावट की आशंका है।
सूचना मिलते ही सीआईए स्टाफ, गुप्तचर विभाग व रतिया शहरी पुलिस चौकी प्रभारी जगदीश कुमार की टीम गोदाम में पहुंची।
पुलिस टीम को गोदाम में भारी मात्रा में जिप्सम के कट्टे और कुछ प्रांगण में बाहर खुले में पड़े कट्टे मिले। गोदाम में सैकड़ों की संख्या में जिप्सम के खाली नए कट्टे भी पड़े हुए थे।
टीम ने तुरंत सफल जिप्सम के स्थानीय डीलर विनोद कुमार को मौके पर बुला लिया और खुले में पड़ी जिप्सम के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान डीलर ने पुलिस को बताया कि नमी के चलते कुछ कट्टों में वजन कम हो गया था। इसी वजह से कट्टे खोलकर जिप्सम को बाहर सुखाया जा रहा था और नए खाली कट्टे भी कंपनी द्वारा भेजे गए थे। इसके बाद पुलिस ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी।
जिस पर विभाग के डा. इंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीओ राकेश सिहाग व मुकेश महला की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। टीम ने गोदाम के दस्तावेज कब्जे में लेकर कार्यवाही शुरू कर दी है। टीम ने डीलर व कंपनी प्रबंधक को बुधवार को जिप्सम से संबंधित सभी दस्तावेज विभाग को सौंपने के निर्देश दिए।
गोदाम में नहीं कोई गड़बड़ी: डीलर विनोद
सफल जिप्सम के स्थानीय डीलर विनोद कुमार ने बताया कि गोदाम में जिप्सम के साथ कोई गड़बड़ी नहीं की गई। कुछ कट्टों में जिप्सम में नमी के कारण वजन कम हो गया था।
जिसके चलते कट्टों से बाहर निकालकर जिप्सम को सुखाया जा रहा था। ताकि उपभोक्ताओं को कोई नुकसान न हो। नए खाली कट्टे भी कंपनी द्वारा ही भेजे गए थे।