फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम कार्यालय में हुए आरसी फर्जीवाड़ा मामले में क्लर्क समेत आठ आरोपी गिरफ्तार, तीन दिन के रिमांड पर

विज्ञापन
विज्ञापन
लघु सचिवालय स्थित फतेहाबाद के एसडीएम कार्यालय में वाहनों की आरसी जारी करने में हुए फर्जीवाड़ा मामले में शहर पुलिस ने क्लर्क, टाइपिस्ट, डीलर समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में शहर पुलिस ने गांव डूल्ट निवासी अर्जुन, फतेहाबाद निवासी टाइपिस्ट पराग, फतेहाबाद निवासी डीलर नरेश, हांसी निवासी जसबीर, अमित, बरवाला निवासी राजेश, टाइपिस्ट दादरी निवासी प्रदीप तथा दादरी एसडीएम कार्यालय के क्लर्क राजेश को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से तीन दिन के रिमांड पर लिए गए। बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपी गांव डूल्ट निवासी अर्जुन ने पिता के नाम पर फर्जी आरसी तैयार करवाई थी। इसके अलावा आरोपी डीलरों ने अपने नाम पर फर्जी आरसी एसडीएम कार्यालय से तैयार करवाई थी।
विज्ञापन

तीन पूर्व एसडीएम पर दर्ज हुआ था मामला : मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के हिसार डीएसपी कार्यालय के एसआई राजेश की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने फर्जी आरसी तैयार करने के मामले में फतेहाबाद के तीन पूर्व एसडीएम सतबीर जांगू, संजय बिश्नोई, सुरजीत नैन, दो वाहन पंजीकरण क्लर्कों ओमप्रकाश सिहाग व राजेश खटक और बिहार के अक्कबरपुर निवासी शमशेर आलमखान, गांव कंहड़ी निवासी रमेश, गांव डुल्ट निवासी भीम सिंह के खिलाफ साजिश के तहत फर्जी आरसी बनाने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
ये था मामला : पुलिस को दी शिकायत में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के हिसार डीएसपी कार्यालय के एसआई राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें एसडीएम कार्यालय में फर्जी दस्तावेज तैयार करके दूसरे राज्यों व जिलों के वाहनों की आरसी जारी करने की शिकायत मिली थी। इन वाहन पंजीकरण में वाहन निरीक्षक द्वारा व्हीकल पासिंग की रिपोर्ट भी नहीं लगाई जा रही है। वाहन नंबर एचआर61ए8000, एचआर 31 एच 9322, एचआर 02 एटी 6882, एचआर 71 एच 1744 व एचआर 88-2310 के फर्जी दस्तावेज तैयार करके एसडीएम कार्यालय से रजिस्ट्रेशन किया है। इसके बाद एसआई राजेश कुमार, ईएसआई विरसा सिंह, ईएएसआई जयवीर सिंह, चालक राजबीर सिंह ने एसडीएम कार्यालय आकर वाहन पंजीकरण लिपिक अजमेर सिंह से उक्त वाहनों से संबंधित रिकॉर्ड मांगा। वाहन नंबर एचआर 61 ए 8000 स्कॉर्पियो, एचआर 02एटी 6882 क्रूजर व एचआर 88-2310 रिट्ज कार के कागजात की सत्यापित फोटो प्रतियां भी ली गईं। वाहन नंबर एचआर 31 एच 9322 व एचआर 71 एच 1744 से संबंधित रिकॉर्ड गायब मिला। पहले मामले में एचआर 61 ए 8000 स्कॉर्पियो के कागजात देखे तो पाया कि वाहन की एनओसी आरटीए भिवानी से आरटीओ फतेहाबाद वाहन मालिक बिहार के रोहताश जिले के गांव अकबरपुर निवासी शमशीर आलम खां के नाम जारी की गई है। वाहन पंजीकरण के समय कागजात में वाहन निरीक्षक की पासिंग रिपोर्ट नहीं लगाई गई। ई-दिशा केंद्र की रसीद में शमशेर आलम के पते की जगह फतेहाबाद लिखा हुआ है लेकिन पंजीकरण फाइल में फतेहाबाद में निवास स्थान का कोई कागजात नहीं लगा है। फिर भी तत्कालीन एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, तत्कालीन वाहन पंजीकरण क्लर्क ओमप्रकाश सिहाग ने शमशीर आलम खां को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रदेश सरकार के नियमों के खिलाफ अन्य राज्य के निवासी के नाम ई-दिशा केंद्र फतेहाबाद में 1 जनवरी 2018 को रसीद जारी करवाकर स्कॉर्पियो की आरसी तैयार कर दी। दूसरे मामले में वाहन नंबर एचआर-02एटी-6882 की एनओसी वाहन पंजीकरण अथॉरिटी जगाधरी से आरटीओ फतेहाबाद के नाम वाहन मालिक टोहाना के गांव कन्हड़ी निवासी रमेश के नाम जारी की गई। वाहन पंजीकरण फाइल में एमवीआई वाहन पासिंग रिपोर्ट भी नहीं लगाई गई और पंजीकरण फाइल देखने पर कागजों में वाहन की चेसिस नंबर के आगे पुराना रिकॉर्ड छिपाने के लिए (स्लेश) लगाया हुआ मिला। मगर तत्कालीन एसडीएम संजय बिश्नोई व पंजीकरण लिपिक राजेश खटक ने वाहन मालिक रमेश को लाभ पहुंचाने की नीयत से गांव कन्हडी की टोहाना पंजीकरण अथॉरिटी होते हुए भी फतेहाबाद वाहन पंजीकरण अथॉरिटी से ई-दिशा केंद्र फतेहाबाद में 21 जुलाई 2020 को रसीद जारी करवाकर आरसी तैयार कर दी।
विज्ञापन

फर्जी आरसी मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से फिलहाल पूछताछ जारी है। कई खुलासे होने की उम्मीद है। - दलजीत बैनीवाल, डीएसपी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें