जाखल। नगर पालिका के चुनाव में पिछली बार वार्ड दो सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था, परंतु इस बार यह सामान्य वर्ग के लिए रखा गया है। ऐसे में संभावित प्रत्याशी अभी से अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। हालांकि इस बार इस वार्ड की सीमा में कुछ बदलाव हुआ है। वार्ड दो का कुछ हिस्सा एक और 4 में चला गया है।
दूसरी तरफ वार्ड दो में कई समस्याएं है। जिनमें प्रमुख रूप से कई कॉलोनियों की गलियां कच्ची होना है। जिससे इन गलियों से गुजरने वाले लोगों को परेशानी सामना करना पड़ रहा है। वहीं गलियों में बेसहारा पशुओं के जमावड़े से भी हादसे की आशंका बनी रहती है। इन समस्याओं को लेकर कॉलोनी निवासी अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक कई बार मुद्दा भी उठा चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ।
लोगों का कहना है कि बेसहारा पशुओं के कारण हादसे होने का डर बना रहता है। दूसरी तरफ वार्ड की निवर्तमान पार्षद वीरा रानी द्वारा पूरे वार्ड में चहुंमुखी विकास करने का दावा किया जा रहा है। परंतु वार्ड के निवासियों के द्वारा इनकी अलग ही स्थिति पेश की जा रही है। लोगों का कहना है कि वार्ड में सबसे ज्यादा स्थिति खराब गलियां कच्ची होना है।
-वार्ड में हैं 521 मतदाता
वार्ड दो में कुल 521 मतदाता हैं। जिसमें 257 पुरुष तथा 264 महिला मतदाता शामिल हैं। इस वार्ड में मास्टर काॅलोनी, प्रीतम काॅलोनी के साथ-साथ जलघर के क्षेत्र की जगह में काॅलोनियों को शामिल किया गया है।
-कच्ची गलियों व आवारा पशुओं से वार्डवासी परेशान
वार्ड दो की निवर्तमान पार्षद वीरा रानी द्वारा भरपूर विकास कार्य करवाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर वार्ड में प्रीतम कॉलोनी की तीन गलियां अभी भी कच्ची पड़ी है। इसके अलावा मूसेवालों की घर के सामने गली कच्ची है। जिससे बारिश के दिनों में कीचड़ होता है और गर्मियों में धूल उड़ती है। इसके अलावा वार्ड दो में बेसहारा पशु झुंड बनाकर घूमते हैं।
यह रहेगी वार्ड नं 2 की सीमा
वार्ड नं 2 नगरपालिका की उतरी पश्चिमी सीमा पर सीधा बलरा रोड से शुरू होकर जय भोले कॉटन फैक्टरी के पूर्वी कोने तक होते हुए उत्तरी कोने से दक्षिण दिशा की ओर चलते हुए कृष्ण कुमार के मकान के कोने तक है। इसके साथ उक्त कोने से पूर्व दिशा की ओर चलते हुए कौशल्या देवी के प्लॉट के कोने से दक्षिण दिशा की ओर चलते हुए एडवोकेट अमनदीप के प्लॉट के कोने तक के साथ उक्त कोने से पश्चिम दिशा की ओर चलते हुए सरदार गमदूर सिंह के मकान के कोने तक है। यहां से उतर दिशा की ओर चलते हुए उग्रसेन के मकान के सामने से होते हुए नगरपालिका की उत्तर, पश्चिमी सीमा तक सीधा बलरा रोड तक, जो कि प्रारंभिक बिंदु है, वहां का एरिया वार्ड नं 2 की सीमा बनाई गई है।
इस वार्ड में कई कॉलोनी का मिलाप
बता दें कि वार्ड 2 में सिमरन अस्पताल, मास्टर कॉलोनी, प्रीतम कॉलोनी के साथ साथ वाटर वर्क्स के एरिया की जगह में कॉलोनियों को इस वार्ड में शामिल किया गया है। इसमें ही शहर की प्रमुख मास्टर कालोनी का कुछ हिस्सा भी शामिल है। इसी वार्ड में एक निजी अस्पताल भी संचालित है अथवा इसके साथ शहर के कुछ हिस्से को पानी देने के लिए वाटर वर्क्स भी इसी वार्ड में स्थित है।
पिछली बार शहर की सरकार में विकास कार्यों को लेकर कुछ खास नहीं हुए है। कई गलियाें का निर्माण अभी भी अधूरा पड़ा है। वार्ड के बाहरी रास्तों पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। गलियां कच्ची होने के कारण बारिश के दिनों में जल निकासी की समस्या होती है।
-दीपक गर्ग, निवासी वार्ड 2
- वार्ड में सबसे ज्यादा बेसहारा पशुओं की भरमार है। ये इधर-उधर गलियों में घूमते रहते हैं। वहीं सुरक्षा की दृष्टि को लेकर वार्ड में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। जिसके कारण आपराधिक घटनाएं होने की आशंका रहती है।
आशु सिंगला, वार्ड 2
अपने कार्यकाल में वार्ड की हर गली को पक्का करवाने के साथ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर नगर पालिका में कहा गया है। वार्ड में दूषित पानी के निकासी को लेकर सीवरेज की व्यवस्था तथा पीने के लिए पानी की पाइप लाइन भी उन्हीं के कार्यकाल के दौरान डाली गई थी।
-वीरा रानी, पूर्व पार्षद वार्ड नं 2