रतिया। क्षेत्र में पिछले तीन माह में नशे की ओवरडोज की आशंका से कई युवाओं की मौत ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। केवल पिछले पांच दिनों में ही तीन युवाओं की मौत दर्ज हुई हैं। इस बढ़ते आंकड़े को देखते हुए एसपी सिद्धांत जैन खुद सक्रिय हुए और मंगलवार को पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे।
पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चला रहा है, लेकिन पिछले तीन माह में करीब छह युवाओं की मौत हो चुकी है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस स्पष्ट स्थिति बताएगी, आमजन में क्षेत्र में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति की चर्चाएं जोरों पर हैं। खुनन और मीराना के मामलों के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है।
नशा तस्करों पर कार्रवाई की गई और उन्हें स्पष्ट संदेश दिया गया, लेकिन क्षेत्र में नशे पर पूरी तरह लगाम लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस को मेडिकल नशे को लेकर कानूनी अड़चनों का भी सामना करना पड़ रहा है। झाड़ियों और सुनसान जगहों पर मिले शव : नशा करने वाले अक्सर सुनसान जगहों पर बैठकर नशा करते हैं। पिछले तीन महीनों में हुई मौतों के मामले में सभी शव झाड़ियों और सुनसान जगहों पर ही मिले।
शहर थाना प्रभारी रंजीत सिंह ने बताया कि शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट विसरा मधुबन भेजी गई है, जिसकी रिपोर्ट आने में 3 से 6 महीने का समय लगेगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के स्पष्ट कारण सामने आएंगे।