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Fatehabad News: रतिया नगर पालिका का 27 करोड़ 88 लाख का बजट पास

Wed, 04 Jun 2025 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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नगर पालिका की बजट बैठक में मौजूद पार्षद हाथ उठाकर बजट पास करने की सहमति देते हुए:संवाद
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रतिया। नगर पालिका में आखिरकार बुधवार को प्रधान व पार्षदों की सातवीं बार हुई बजट बैठक में नगर पालिका का 27 करोड़ 88 लाख रुपये का बजट पास हुआ। बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन प्रीति खन्ना ने की।
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बुधवार को हुई बैठक में प्रधान उप प्रधान, जोगिंदर नंदा व 7 अन्य पार्षद पहुंचे। वहीं बजट का विरोध कर रहे अन्य 9 पार्षद नहीं पहुंचे। उक्त पार्षदों ने बैठक का विरोध करते हुए कहा कि जब तक उन्हें पिछले बजट का लेखा-जोखा नहीं दिया जाता तथा पिछले तीन साल में लगाए गए टेंडरों का पूरा रिकॉर्ड नहीं दिया जाता तब तक वह नगर पालिका बैठक में भाग नहीं लेंगे।

बैठक में चेयरपर्सन प्रीति खन्ना, उप प्रधान जोगिंदर नंदा, पार्षद सुमन सैनी, रेखा शर्मा, वीरपाल कौर, हरबंस कौर, जसविंद्र कौर, हैप्पी सैनी, धीरज जिंदल पहुंचे। प्रधान व 8 पार्षदों के साथ कोरम पूरा होते ही नगर पालिका सचिव ने बैठक को शुरू करवा दिया। बैठक में बजट पास करने का प्रस्ताव रखा गया। जिस बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर सहमति देते हुए बजट पास करने की घोषणा कर दी।
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शहर के विकास पर खर्च होंगे 14 करोड़ रुपये

नगर पालिका सचिव शुभम कुमार ने बताया कि बुधवार को बजट बैठक में प्रधान व अन्य 8 पार्षद सहित 9 सदस्य पहुंचे और कोरम पूरा होते ही बैठक को शुरू किया गया। सचिव ने बताया कि 27 करोड़ 88 लाख का बजट पास किया गया है। इसमें से 14 करोड़ 88 लाख रुपये शहर के वार्डों में होने वाले विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।

6 बार हो चुकी मीटिंग, एसडीएम भी कर चुके थे प्रयास

नगर पालिका का बजट पार्षदों की गुटबाजी के कारण पिछले कई माह से पास नहीं हो रहा था। नगर पालिका के अधिकारी बजट पास करने के लिए पहले भी 6 बार पार्षदों की मीटिंग बुलाई जा चुकी। एक बार एसडीएम सुरेश कुमार की अध्यक्षता में भी बैठक बुलाई गई थी लेकिन उसमें भी बजट पास नहीं हो पाया। बुधवार को सातवीं बार बजट मीटिंग बुलाई गई थी।

अविश्वास प्रस्ताव के बाद पहली बार हुई बैठक

14 पार्षदों ने इससे पहले चेयरपर्सन व उप प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। 22 मई को जब अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई तो उसमें पार्षद बंट गए और 11 ही पहुंच पाए थे। जिस कारण अविश्वास प्रस्ताव को प्रशासन ने रद्द कर दिया था।
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