फतेहाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट जज अमित गर्ग की अदालत ने दुष्कर्म मामले में आरोपी कुलदीप को बरी कर दिया है। कुलदीप ने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कोर्ट के समक्ष तस्वीरें प्रस्तुत की। इसी आधार पर कोर्ट ने कुलदीप को निर्दोष माना।
कोर्ट ने इस मामले में अपनी टिप्पणी में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि आरोपी ने पीड़िता के घर में आपराधिक अतिक्रमण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने ये स्वीकार किया था कि वो आरोपी से दिन में कई-कई देर तक बात करती थी और उसके साथ शहर से बाहर भी जाती रही है।
आरोपी ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता के साथ अपनी कुछ तस्वीरें रखीं। इस पर पीड़िता ने कहा कि ये जबरदस्ती ली गई हैं। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि देखने में प्रतीत होता है कि तस्वीरें सहमति से ली गई लगती हैं। अदालत ने ये भी माना कि गवाही और तस्वीरों से यह लगता है कि पीड़िता और आरोपी के बीच संबंध सहमति थे।
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क्या था मामला
जिले की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुलदीप नामक शख्स उसके घर आता जाता था। दो साल पहले जब वह घर में अकेली थी तो आरोपी कुलदीप ने उसे अकेला पाकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी ने यह भी धमकी दी कि अगर वह उससे बात नहीं करेगी तो वह खुद को मार लेगा। उसके बाद जब भी वह घर में अकेली होती थी तो आरोपी उससे दुष्कर्म करता था। करीब एक साल पहले आरोपी उसे अपनी बाइक पर बिठा कर ले गया और खेतों में उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद से वह दिमागी तौर पर परेशान रहने लगी। इसके बाद उसने अपने पति को कहा और पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कुलदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।