फतेहाबाद। जिले का लिंगानुपात वर्ष 2025 में बढ़कर 961 तक पहुंच गया है, जो पिछले एक दशक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस सुधार के साथ ही जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में जन्मदर में 35 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 में जिले का लिंगानुपात 894 था। वर्ष 2022 में यह 950 तक पहुंचा, लेकिन उसके बाद दो वर्षों में गिरावट दर्ज की गई थी, इससे चिंता बढ़ गई थी। अब 2025 में 961 का आंकड़ा सामने आने से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दिया है। बेहतर प्रदर्शन के मामले में फतेहाबाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि पहला स्थान पंचकूला जिले को मिला है।
दूसरी तरफ जहां जिले का लिंगानुपात बढ़ा है वहीं 23 गांवों की स्थिति गंभीर चिंता पैदा कर रही है। इन गांवों में लिंगानुपात 800 तक भी नहीं पहुंच पाया है। इनमें से सात गांव ऐसे हैं जहां यह आंकड़ा 700 से नीचे रहा। सबसे खराब हालात गांव लाली में सामने आए, जहां लिंगानुपात केवल 447 दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी से जिले के कुल आंकड़ों में सुधार संभव हुआ है, लेकिन जिन गांवों में स्थिति खराब है, वहां विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग अब इन चिन्हित गांवों में अतिरिक्त निगरानी और जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि संतुलित लिंगानुपात सुनिश्चित किया जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों को किया चिह्नित, चलेंगे विशेष अभियान
लिंगानुपात के बेहद खराब आंकड़ों वाले सभी 23 गांवों को स्वास्थ्य विभाग ने चिह्नित कर लिया है। इन गांवों में इस साल कई अभियान चलाए जाएंगे। इतना ही नहीं, लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी भी इन गांवों का दौरा करेंगे। सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग ने अंदरखाते इन गांवों में लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की आशंकाओं को भी खंगालने का काम शुरू कर दिया है।
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पिछले सालों का ये रहा है जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015- 894
2016- 923
2017- 912
2018- 893
2019- 924
2020- 937
2021- 898
2022- 950
2023- 934
2024- 926
2025- 961
इन गांवों में बेहद खराब रहा है लिंगानुपात
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले के 23 गांवों में हालात बेहद खराब रहे हैं। इनमें धारणियां में 704, धांगड़ में 794, मताना में 600, अहलीसदर में 656, हिजरावां खुर्द में 727, बनावाली में 700, भट्टू प्रथम में 667, भट्टू द्वितीय में 774, किरढान में 774, मेहूवाला में 707, खाबड़ा कलां में 750, ढाबी कलां में 683, रामसरा में 781, भूना द्वितीय में 750, डूल्ट में 625, जांडली खुर्द में 769, बोस्ती में 793, जाखल गांव में 743, सिधानी में 692, कुलां में 744, धारसूृल कलां में 775 , लाली में 443 और रत्ताखेड़ा में लिंगानुपात का आंकड़ा 767 ही रहा।
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जिले के लिंगानुपात के आंकड़े काफी बेहतर रहे हैं। इसके लिए विभाग की पूरी टीम बधाई की पात्र है। 23 गांवों में हालात सुधारने की जरूरत है। इन गांवों में विशेष जागरूकता अभियान और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से लिंगानुपात को बेहतर किया जाएगा।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद