भट्टूकलां में नायब तहसीलदार के लेखाकार को ज्ञापन सौंपते किसान संघर्ष समिति सदस्य। स्त्रोत : संव
भट्टू कलां। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को किसानों ने डीएपी व यूरिया खाद की कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की मांग के लिए मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार के लेखाकार को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कालाबाजारी करने वालों को शह देने का आरोप लगाया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा ने किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार खाद की कालाबाजारी रोकने में नाकाम रही है और न ही खाद की कमी को दूर कर पाई है। व्यापारी मनमानी कर रहे हैं और डीएपी और यूरिया देने के नाम पर दूसरी वस्तुएं जबरदस्ती थोपकर किसानों को लूटा जा रहा है।
समिति ने मांग की कि डीएपी व यूरिया खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए और इसकी उपलब्धता सुनिश्चित हो। बिजली के बढ़े हुए रेट वापस लिए जाएं और स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाई जाए। नहरों में दो सप्ताह पानी छोड़ा जाए। ज्यादा बारिश के कारण खेतों में भरे पानी की तुरंत निकासी हो और खराब फसलों का किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
इस अवसर पर बृजलाल कड़वासरा, हवासिंह बोदीवाली, अनिल नाथ पीलीमंदोरी, विनोद कुमार हसंगा, आत्माराम, रघुबीर, सत्यवान, संदीप बोदीवाली आदि मौजूद रहे।