नंदी शाला में तूफान से गिरी हुई चहारदीवारी एवं ओलावृष्टि से मरे हुए गोवंश।
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भूना। क्षेत्र में बुधवार की रात को तूफान के साथ ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया। नंदी शाला में सिर पर तेज गति से ओले लगने के कारण 15 गोवंश की मौत हो गई और चहारदीवारी एवं शेड इत्यादि टूटने से भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक गांवों में फसल चौपट हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर कांशीराम, उपमंडल अधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश गढ़वाल और वरिष्ठ डॉक्टर राजाराम कंस्वा ने श्री कृष्ण प्रणामी नंदी शाला नगरपालिका भूना का निरीक्षण किया।
नंदी शाला में लाखों रुपये का प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान हुआ है। मरे हुए गोवंश का पोस्टमार्टम किया गया। जिसमें ओलावृष्टि के कारण गोवंश की मृत्यु होना पाया है। पशु चिकित्सा पैनल टीम ने बताया कि गोवंश की मौत सिर पर तेज गति से ओले लगने के कारण हुई है। वही गांव जांडली कलां, सिंथला, टिब्बी, कानीखेड़ी, रहनखेड़ी, लहरियां, ड़ूल्ट, ढाणी ड़ूल्ट के खेतों में गेहूं, सरसों और हरा चारा ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो गए हैं। इन गांवों में रात्रि साढे़ 9 बजे से अचानक तूफान आया और उसके साथ जमकर ओलावृष्टि हुई। टिब्बी के किसान देशराज के खेत में दो एकड़ में अमरूद के बाग में पेड़ जड़ से उखड़ कर जमीन पर आ पड़े। जिससे किसान को दो लाख से भी अधिक का नुकसान हुआ है। जाड़लीकलां के किसान रमेश कुमार नंबरदार, सुरेश कुमार व ईश्वर सिंह आदि ने बताया कि रात्रि को ओलावृष्टि ने सरसों और गेहूं की अगेती फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। फसल में शत-प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसलिए इसकी विशेष गिरदावरी करके किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। टिब्बी के देशराज, रामनिवास, हवा सिंह, हरफूल सिंह आदि किसानों का एक शिष्टमंडल डीसी फतेहाबाद से मिला। जिस पर उपायुक्त ने किसानों को ओलावृष्टि से हुई नुकसान को लेकर दुख प्रकट किया और विशेष गिरदावरी के लिए आश्वासन दिया है।