नगर परिषद में खड़ी कचरा उठाने वाली गाड़ियां।
- फोटो : Fatehabad
स्वच्छता सर्वेक्षण अगले महीने शुरू होने जा रहा है लेकिन शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था और घर घर से कचरा समय पर न उठना रैंकिंग बिगाड़ सकता है और इसका खतरा अब नगरपरिषद अधिकारियों को भी दिखने लगा है। वीरवार को शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए नप कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में शहरवासियों से प्रतिक्रिया से लेकर घरों से उठाने जाने वाले कचरे तक पर मंथन किया गया। बैठक में निर्णय लिया कि स्वच्छता सर्वेक्षण शहरवासियों से प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे।
मोबाइल पर क्यूआर कोड को स्कैन करते ही लिंक मिल जाएगा और सिटीजन सफाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। प्रतिक्रिया के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले चरण में करीब 150 क्यूआर कोड सार्वजनिक स्थानों पर लगेंगे।
दिन में अब दो नहीं चार बार आएगी गलियों में गाड़ी : बैठक में ये भी चर्चा हुई कि शहर में घर घर से कचरा समय पर नहीं उठ रहा है। इसके अलावा गाड़ी भी एक बार जाती है। बैठक में फैसला लिया गया कि कचरा उठाने वाली गाड़ियां दिन में चार बार जाएंगी। गाड़ी पर एक सफाई कर्मी भी होगा जो कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डलवाएगा। नप के पास 12 टाटा एस और 2 ट्रैक्टर ट्रॉलियां है।
50 सक्षम युवा घर घर जाकर करेंगे सर्वे:
नगर परिषद ने 50 सक्षम युवा लिए हैं। ये सक्षम युवा घर घर जाकर सर्वे करेंगे कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग किया जा रहा है या नहीं। इसके अलावा उन्हें अलग-अलग करने के लिए प्रेरित भी करेंगे।
रोस्टर को लेकर सीएसआई और संयोजक आमने सामने : रविवार को शहर में सफाई न होने के मामले में रोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सीएसआई मुकेश शर्मा का कहना है कि रोस्टर को लेकर स्वच्छ भारत मिशन के जिला संयोजक कुमार सौरभ के साथ चर्चा नहीं हुई है। अभी कोई विचार हीं नही है। जबकि संयोजक कुमार सौरभ का कहना है कि रविवार को शहर में सफाई को लेकर रोस्टर बनाने के लिए सीएसआई के साथ चर्चा हो चुकी है। यानी कि धरातल पर कोई भी अधिकारी काम करने को तय नहीं है।
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नागरिकों की प्रतिक्रिया ली जा रही है। प्रतिक्रिया के हिसाब से भी रैंकिंग तय होगी। ज्यादा से ज्यादा लोग प्रतिक्रिया दें सके इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं जिसे स्कैन करते ही लिंक आ जाएगा और प्रतिक्रिया दें सकेंगे। - अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद।