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पल्स पोलियो अभियान में चहेतों को मिला लाभ

Wed, 17 Sep 2014 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में पल्स पोलियो अभियान के अंतिम चरण 19 जनवरी के दौरान चिकित्सकों और उनके चहेतों ने गाड़ियां किराए पर लेने के नाम पर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा किया है, यह खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता सुरजीत सिंह द्वारा मांगी गई सूचना की रिपोर्ट में हुआ है। सुरजीत सिंह ने भ्रष्टाचार के मामले का भंडाफोड़ करने के लिए हरियाणा विजिलेंस और क्राइम ब्रांच को उपरोक्त रिपोर्ट भेजकर मामले की जांच की मांग की है।

वर्ष 2013-14 के पल्स पोलियो अभियान के अंतिम चरण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में 56 गाड़ियां किराए पर ली गई थीं। आरटीआई सूचना आधी अधूरी देकर मामले पर लीपापोती करने की कोशिश करके घोटाले को छुपाने का प्रयास भी किया गया है। दिलचस्प पहलू तो यह है कि स्वास्थ्य केंद्र भूना के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाक्टर जेपी राजलीवाल ने अपनी निजी कार को अभियान के दौरान किराए दिखाया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रति गाड़ी को 24सौ रुपये किराया भुगतान किया गया है। उपरोक्त कार का पंजीकरण डाक्टर राजलीवाल की पत्नी के नाम है।
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आरटीआई सूचना में उपरोक्त कार का किराया पवन कुमार नामक युवक को दिया हुआ दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त दर्जनों कारें शहर के गणमान्य व्यक्तियों की हैं। जो कभी किराए पर चली तक नहीं और अपने निजी कार्य के लिए इस्तेमाल करते हैं। परंतु स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से एवं जानपहचान का फायदा उठाकर उक्त कारों के नंबर रिकार्ड में चढ़ाकर राशि स्वयं हड़प गए। सूचना में आधा दर्जन ऐसे व्यक्ति भी हैं, जिनकी गाड़ी का नंबर एवं नाम दर्ज किया हुआ है।

जबकि उपरोक्त व्यक्तियों के पास गाड़ी मौजूद ही नहीं है। आरटीआई सूचना के बाद भ्रष्टाचार के खुलासे को लेकर उच्च स्तरीय जांच करवाकर भ्रष्टाचार में शामिल स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक व खंड विस्तार अधिकारी मोहन लाल के खिलाफ हरियाणा विजिलेंस और क्राइम ब्रांच पंचकुलां को पत्र भेजकर जांच की मांग की है।
गाड़ियों के नंबर बाहरी
टैक्सी यूनियन के प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि डेढ़ दर्जन से अधिक गाड़ियों के जो नंबर हैं, वह भूना क्षेत्र के आसपास के किसी गांव की गाड़ी नहीं हैं। उपरोक्त नंबर स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदार व चहेते लोगों के दूरदराज से लेकर फर्जी चढ़ाए हैं। जो गाड़ियां पल्स पोलियो अभियान में दर्शाई गई हैं, वह हिसार, सिरसा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ आदि के नंबर अंकित हैं।
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क्या कहते हैं चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना के वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर जेपी राजलीवाल ने कबूल किया है कि पल्स पोलियो अभियान में उनकी गाड़ी किराए पर चली थी। अभियान में स्टाप का कोई भी व्यक्ति अपनी पर्सनल गाड़ी को भी किराए पर चला सकता है। लेकिन अंतिम चरण में 56 गाड़ियां किराए पर कहां चली इसका कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे सके। खंड विस्तार अधिकारी मोहन लाल ने इस संबंध में बताया कि उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया। पल्स पोलियो अभियान की पूरी जिम्मेदारी डा. जेपी राजलीवाल की थी। मेरा इसमें कोई योगदान नहीं है।
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