फतेहाबाद। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित जिलास्तरीय जनकल्याण शिविर एवं विकसित भारत संकल्प सम्मेलन सोमवार को डीपीआरसी हॉल में किया गया। इस दौरान लोगों की समस्याओं का मौके पर निपटारा करने के लिए विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए लेकिन यहां से उनको कोई मदद नहीं मिल सकी।
सम्मेलन में स्वास्थ्य, आयुष, कृषि, वन स्टॉप सेंटर, समाज कल्याण विभाग, स्वयं सहायता समूह, बिजली निगम, एलडीएम, चुनाव सहित विभागों की स्टॉल लगाई गई। कार्यक्रम में पहुंचे एडीसी अनुराग ढालिया ने उपस्थित लोगों को विकसित भारत की शपथ दिलाई। एडीसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। सभी नागरिकों से सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर एसडीएम राजेश कुमार, सीटीएम गौरव गुप्ता, सीईओ जिला परिषद सुरेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शो-पीस बनी एक्स-रे मशीन
लघु सचिवालय के डीपीआरसी हॉल में सोमवार को आयोजित जनकल्याण शिविर एवं विकसित भारत संकल्प सम्मेलन स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर में लोगों की टीबी जांच के लिए एक्स-रे मशीन लगाई थी लेकिन हॉल में अलग कक्ष न होने के कारण यह मशीन केवल शो पीस बनी रही। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने जब एक्स-रे करवाने के बारे में पूछा तो वहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि मशीन बंद है अस्पताल में आकर जांच करवाना।
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क्रीड विभाग की स्टॉल पर लगी रही भीड़
जनकल्याण शिविर एवं विकसित भारत संकल्प सम्मेलन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए क्रीड विभाग की ओर से स्टॉल लगाया गया। जिस पर कार्यक्रम के दौरान 200 से अधिक लोगों ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, पेंशन लागू करवाने और आय बढ़ने आदि की शिकायतें दर्ज करवाई। कई नागरिकों की समस्या का समाधान नहीं हो सका। यहां से भी नागरिक बिना काम कराए लौटे।
मेरी दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की अभी तक एक भी किस्त नहीं आई है। इसके बारे में 4 माह पहले पता किया तो बताया गया कि आपके सारे कागजात पूरे हैं। इस बारे में मैंने जनकल्याण सम्मेलन में पहुंचकर पता किया तो यहां भी मेरी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
- मंजू रानी।
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मेरी पत्नी की आयु 65 वर्ष हो चुकी है लेकिन अभी तक बुढ़ापा पेंशन लागू नहीं हो सकी है। इस बारे में जब में जनकल्याण शिविर में पहुंचा था लेकिन यहां पर भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
- अशाेक कुमार।