बुधवार को अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन ने टोहाना में खेत मजदूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही इनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो इस बारे में राज्यस्तरीय कमेटी की बैठक कर आंदोलन को तेज करेंगे।
इससे पूर्व दोपहर लगभग 12 बजे सैकड़ों मजदूर पुराने एसडीएम कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां से वे प्रदर्शन व सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान दीपचंद ललौदा ने बताया कि सफेद मक्खी से फसल बर्बाद होने के कारण वे मजदूरी के कार्य नहीं कर पाए। इसके विपरीत बढे़ बिजली के बिल व महंगाई ने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है।
इन बिलों ने उनकी आर्थिक दृष्टि से जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब सरकार गरीब व्यक्ति को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दे सकती है तो प्रदेश सरकार क्यों नहीं कर सकती।
ये रही मांगें-
इस दौरान उन्होंने एसडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि मजदूर वर्ग से नरेगा के तहत 250 दिन कार्य, 500 रुपये प्रति दिन की मजदूरी दी जाए।
2. मनरेगा के हाजिरी मस्ट्रोल हिंदी में दिए जाए, ताकि मजदूर वर्ग आसानी से पढ़ सके।
3. मेट्रो को गांव से खंड स्तर का किराया दिया जाए।
4. भूमिहीन मजदूरों के बीपीएल कार्ड शीघ्र बनाए जाएं।
5. सौ-सौ वर्ग गज के रिहायशी प्लाट, बुढ़ापा पेंशन के लिए जन्म प्रमाणपत्र की शर्त को हटाया जाए।
6. नष्ट फसलों के मुआवजे के बाद किसान खेत मजदूरों को भी मुआवजा दिया जाए।
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दीपचंद ललौदा ने बताया कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अगर उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो जिला उपायुक्त का घेराव भी किया जाएगा। इस अवसर पर किसान सभा के राज्य प्रधान कामरेड़ हरपाल, तहसील प्रधान कौर धारसूल, कश्मीर सिंह, सतबीर सिंह, रोहताश, गुरनाम सिंह, उमेद, विनोद, रामाराम, धर्मवीर, राजाबाला, राधा देवी, गुरनाम सिंह आदि उपस्थित थे।