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पीड़ितों को एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला तो करेंगे संसद कूच

Sat, 27 Feb 2016 12:13 AM IST
सुरेंद्र असीजा/अमर उजाला फतेहाबाद
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प्रदेश में जाट आरक्षण के नाम पर हुई हिंसा और आगजनी की घटनाओं को लेकर हरियाणा के पंजाबी समुदाय में रोष है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के अंदर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो वे संसद कूच करने को मजबूर होंगे। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब हिंसा हो रही थी तो सीएम और डीजीपी क्यों खामोश रहे।
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शुक्रवार को पंचनद स्मारक ट्रस्ट के तत्वाधान में सिरसा रोड स्थित एक पैलेस में पंजाबी समुदाय के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में पंचनद स्मारक ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री कह दें कि वह दबाव में हैं और जनता की सुरक्षा नहीं कर सकते। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि सरकार ने तत्काल प्रभाव से कोई कदम नहीं उठाया तो इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।

प्रदेश के कई जिलों में पंजाबी समाज के लोगों के प्रतिष्ठान दुकानें जलाने पर काफी आहत नजर आए स्वामी धर्मदेव ने कहा कि उपद्रवियों ने चुन-चुनकर दुकानें जलाईं और सरकार व पुलिस सेना मूकदर्शक बनी रही। इंसानियत के साथ खिलवाड़ हुआ। शासन-प्रशासन का मजाक बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि रोहतक में धू धू कर जली दुकानों का काला रंग हरियाणा पर काला दाग बन गया है।
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सरकार का कर्तव्य लोगों की जानमाल की सुरक्षा करना है, लेकिन प्रदेश के सीएम व डीजीपी प्रदेश को आग में जलता देख खामोश रहे। हमें इस बात का जवाब चाहिए कि सीएम व डीजीपी क्यों शांत व खामोश रहे। स्वामी जी ने कहा कि पंजाबी समुदाय 1947 से दंगों से लुटकर यहां पहुंचा। अपनी खून पसीने से 40 साल संघर्ष किया। अब जब अपने बूते पर कामयाब हुआ तो गैर पंजाबियों को यह सहन नहीं हुआ।

आरक्षण के नाम पर पंजाबी समुदाय के लोगों की पहले तो दुकानें लूटी गई और बाद में उन्हें जला दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश भर में असुरक्षा का माहौल है। ऐसे में आज जो स्थिति बनी है उससे तो यूं लगता है कि नए उद्योग तो क्या आएंगे। जो पुराने उद्योग हैं वो ना पलायन कर जाएं।

खुलकर सामने आएं सीएम
महामंडलेश्वर ने कहा कि सीएम खट्टर इस बात पर खुलकर सामने आएं तथा पीड़ित लोगों की एक-एक पैसे की भरपाई करें। यह काम चंद दिनों में होना चाहिए। आरोपियों पर देश द्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह हिंसक होने की बात नहीं करते लेकिन शासन-प्रशासन हाथ खड़े कर दें कि वह सुरक्षा नहीं कर सकते तो समाज अपनी सुरक्षा करने में सक्षम है।

उन्होंने मांग रखी कि जिन लोगों ने दुकानें लूटी उनके यहां छापेमारी करके लूटा गया सामान बरामद किया जाए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की। स्वामी जी ने कहा कि अगर सरकार नहीं चेती तो समाज धरना-प्रदर्शन के साथ सर्वोच्च अदालत की शरण में जाएगा।  

इस मौके पर उत्तराखंड से राजीव घई, दिल्ली से सुरेंद्र गुलाटी, गुड़गांव से सर्वदानंद आर्य, सुरेंद्र कुमार, सिरसा से शाम बजाज, उत्तराखंड से हरविंद्र कोहली, रामकृष्ण गांधी, गुड़गांव से चरणजीत अरोड़ा, हिसार से विजय ढल, गुड़गांव से प्रमोद सलुजा, सिरसा से वीरभान मेहता, शैलेन तनेजा, ईश सरना, डॉ. प्रेम मेहता, मदन मेहता, तरुण बजाज, दर्शन नागपाल, जुगलाल टुटेजा आदि मौजूद रहे।

पत्रकारों से बातचीत में पंचनद स्मारक समिति के राष्ट्रीय महामंत्री राजीव घई ने कहा कि एक सप्ताह तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो संसद कूच करेंगे और संसद का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान समाज के लोगों का हुआ है। इसके लिए कमेटी बनाई जाए।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सर्वदानंद आर्य ने कहा कि 1947 की दरिंदगी के बाद अब 2016 की दरिंदगी कैसे सहन हो पाएगी यह बड़ा सवाल है। आर्य ने कहा कि पंजाबियों के साथ एक बड़ा खेल खेला गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दबंगों के साथ कैसे मुकाबला किया जाता है यह हम अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि हरियाणा में लूटने वाले सिर्फ सौ ही लोग थे। अगर सरकार ने उन्हें शीघ्र ही नहीं पकड़ा तो वह बड़े से बड़े न्यायालय की शरण लेंगे।

ईश सरना ने कहा कि मुरथल जैसे कुकर्र्त्य पर समाज के लोग अपनी प्रतिष्ठा को देखते हुए चुप हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर खुद संज्ञान लिया है। उन्हें उम्मीद है कि समाज को न्याय मिलेगा।
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