फतेहाबाद में लघुसचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते किसानों को समझाने का प्रयास करते उपायुक्त।
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फतेहाबाद। पराली के उचित प्रबंधन और पराली को खेत से बाहर निकालने के लिए किसानों को पैक्सों के माध्यम से नि:शुल्क मशीन उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर बुधवार को किसान संघर्ष समिति हरियाणा संबंधित जम्हूरी किसान सभा पंजाब के आह्वान पर जिलेभर से आए किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने कृषि उपनिदेशक को डीसी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व प्रधान मनदीप नथवान ने किया। इसके बाद पराली समस्या के समाधान को लेकर जिला उपायुक्त व किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई जिसमें किसानों ने जिला प्रशासन के समक्ष पराली प्रबंधन को लेकर आ रही समस्या को विस्तार से रखा। किसानों द्वारा दिए गए सुझावों पर उपायुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसको लेकर 25 अक्टूबर को दोबारा किसान संघर्ष समिति व जिला उपायुक्त के बीच बैठक बुलाई गई है।
किसान संघर्ष समिति के मनदीप सिंह ने बताया कि किसानों ने अपने खेतों में धान निकाल ली है। इस बार धान की पैदावार भी कम हुई है। आर्थिक तंगी के चलते किसान पराली के लिए मशीनों का किराया वहन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि कमेटी पिछले 2-3 सालों से लगातार जिला प्रशासन से पराली समस्या का समाधान करने की मांग को लेकर मिलती रही है जबकि अब तक न तो किसी अधिकारी ने और न ही हरियाणा सरकार ने किसानों को पराली ना जलाने संबंधी कोई प्रबंध किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसान मजबूर होकर ही पराली को आग लगाता है क्योंकि आगे गेहूं की बिजाई के लिए बहुत कम समय बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार पराली समस्या का समाधान करने की बजाय किसानों को जुर्माना करने और एफआईआर दर्ज करने की धमकियां दी रही है, जिसे किसान संघर्ष कमेटी सहन नहीं करेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि धान की पराली हेतु किसानों के लिए ठोस प्रबंध किए जाए ताकि किसान पराली को आग न लगाए। अगर कोई ठोस प्रबंध ना किए गए तो पराली को आग लगाने की किसान की मजबूरी हो जाती है। किसान संघर्ष समिति ने उपायुक्त से मांग की कि प्रशासन द्वारा पराली प्रबंधन को लेकर मशीनें सरकारी बैंकों, पैक्सों के माध्यम से किसानों को फ्री उपलब्ध करवाई जाए। इसको लेकर उपायुक्त ने इस दिशा में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और 25 को दोबारा बैठक बुलाई। इस अवसर पर बाबा गुरबचन सिंह, नछतर सिंह, बाबू सिंह, अजैब सिंह रतिया, लाडी झाड़ साहब, नवजीत, मलकीत सिंह रंधावा, ओमप्रकाश सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।