फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने कहा कि शहर से बंदरों, कुत्तों, बेसहारा अन्य पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पीड़ित परिवार को वह खुद और अन्य इच्छुक पार्षद एक-एक माह का मानदेय देंगे।
फतेहाबाद के शहर के शिव चौक निवासी आशु के बंदरों के हमले के बाद जान बचाने के लिए छत से कूदने के बाद दोनों पैरों की हड्डी टुटने के मामले में मुआवजा, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पशु मुक्त शहर की मांग को लेकर वीरवार दोपहर को शुरू हुआ धरना करीब 21 घंटे बाद खत्म हो गया।
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नगर परिषद कार्यालय में प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची, उपप्रधान सविता टुटेजा, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक व पार्षदों की घायल महिला के परिजन और मौके पर मौजूद शहर के लोगों के साथ बैठक हुई। बैठक में नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने खड़े होकर आश्वासन दिया कि दो माह में शहर को पशु मुक्त कर दिया जाएगा।
शहर से बंदरों, कुत्तों, बेसहारा अन्य पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। पीड़ित परिवार को वह खुद और अन्य इच्छुक पार्षद एक-एक माह का मानदेय देंगे। इसके अलावा सरकार से भी पीड़िता को मुआवजा दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री राहत कोष और इसके अलावा अन्य योजना से मुआवजा दिलवाया जाएगा। नगर परिषद प्रधान के लिखित आश्वासन के बाद पीडि़त परिवार और मौजूद लोगों ने धरना खत्म कर दिया।
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नगर परिषद में चल रही बैठक के दौरान पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता बलवान सिंह दौलतपुरिया और कांग्रेस नेता डॉ.वीरेंद्र सिवाच भी पहुंचे और पीडि़त परिवार को मुआवजा दिलवाने की मांग की।