ये बात महासंघ के जिला प्रधान फूल कुमार कुंडू ने कही। वो अपनी अध्यक्षता में महासंघ द्वारा लघु सचिवालय में आयोजित रोष प्रदर्शन धरने में उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
धरने का संचालन जिला महासचिव अजमेर सिंह ने किया। जिला प्रधान व अन्य कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारी संगठनों ने पूर्व की सरकारों से लंबे संघर्ष के बाद मांगे मनवाई थी लेकिन वर्तमान सरकार ने उन मांगों को लागू करना तो दूर उल्टा टांग अड़ाकर कर्मचारियों की पीठ में छूरा घोंपने का काम किया है।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ और समूचा कर्मचारी वर्ग इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सत्ता में आने के बाद कर्मचारियों को तो पंजाब के समान वेतन नहीं दिया गया बल्कि अपने विधायकों व मंत्रियों को पंजाब से दोगुने वेतनमान देने का काम किया है।
इसके अलावा भाजपा द्वारा चुनाव से पूर्व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी प्रथा बंद करनाखाली पदों को भरना, वर्कलोड के अनुसार विभागों में पद सृजित करना, बेरोजगारों को रोजगार व भत्ता देना आदि अनेक वायदे किए थे।
सत्ता में आते ही चुनावी वायदों को भूलकर भाजपा नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ करने का काम कर रही है। यही हाल रहा तो सभी विभागों के कर्मचारी सड़कों पर होंगे। धरने को कर्मचारी नेता मुंशीराम कंबोज, पुकीरचंद सैनी, कृष्ण बिश्नोई, बलवंत, शमशेर कुंडू, रामकरण प्रजापति, राकेश गांधी, नीरज कुमार, इंद्रसिंह घासी, रोहताश, सुरेश डाबला, सुरेंद्र मलिक ने भी संबोधित किया। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त एनके सोलंकी को ज्ञापन सौंपा गया।