प्रॉपर्टी टैक्स न भर पाने वालों के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि टैक्स भरने की तारीख एक माह के लिए आगे बढ़ा दी गई है। ये अंतिम मौका है, क्योंकि इसके बाद नगर परिषद कार्यवाही करेगी। 30 अप्रैल के बाद प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टर्स की प्रॉपर्टी को सील किया जा सकता है। नगर परिषद के अधिकारी अब शहर में ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं जिनका प्रॉपर्टी टैक्स सालों से बकाया है और बार-बार नोटिस के बावजूद अभी तक इन लोगों की कान पर जूं तक नहीं रेंगी है।
बता दें कि राजनेताओं ने भी अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना शुरू कर दिया है जिसमें पूर्व संसदीय सचिव दुड़ाराम एवं वर्तमान विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया भी शामिल हैं। नगर परिषद के पास अब तक कुल 2 करोड़ 48 लाख से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स पूरे शहर से वसूल हो चुका है। बता दें कि प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टर्स में कई बड़े सरकारी विभागों के नाम भी शामिल हैं। लोगों की भीड़ का आलम ये है कि अब पुलिस सुरक्षा में प्रॉपर्टी टैक्स भरवाया जा रहा है।
पुरानी लिस्ट में शामिल रहे डिफॉल्टर्स पहले आएंगे घेरे में
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद ईओ और प्रधान के पास पावर होती है जिसके तहत नगर परिषद अधिकारी प्रॉपर्टी टैक्स ना भरने वाले डिफॉल्टर्स की उक्त प्रॉपर्टी को सील कर सकते हैं। इसके लिए विभाग को चंडीगढ़ से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। हालांकि आमतौर पर नप अधिकारी इस तरह की कार्यवाही से पहले चंडीगढ़ में बैठे उच्च अधिकारियों की जानकारी में डालते जरूर हैं। सूत्रों की मानें तो इस बार प्रदेश सरकार की ओर से भी नगर परिषद अधिकारियों को छूट मिलेगी, क्योंकि सरकार तीन बार प्रॉपर्टी टैक्स भरने की अंतिम तिथि बढ़ा चुकी है। ऐसे में कोई ये नहीं कह सकता कि उसे समय नहीं दिया गया।
दुड़ाराम और विधायक बलवान ने भी भरा प्रॉपर्टी टैक्स, राशि का खुलासा नहीं
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर के टॉप राजनेताओं ने भी अपना प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया है। इनमें कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें पूर्व संसदीय सचिव दुड़ाराम और वर्तमान विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया का नाम भी शामिल है। इन दोनों राजनेताओं द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स भरने की पुष्टि खुद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने की है। हालांकि नप अधिकारियों ने इसका खुलासा करने से इंकार कर दिया है कि दोनों राजनेताओं ने कुल कितनी राशि प्रॉपर्टी टैक्स में दी है। लेकिन नगर परिषद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों के द्वारा भरी गई प्रॉपर्टी टैक्स की राशि लाखों में है।
दो करोड़ से पार हुई प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी, पार्षद जांगड़ा को वापस मिलेंगे 35 हजार
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार इस बार शहर वासियों ने प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए मिली छूट का जमकर फायदा उठाया है और नगर परिषद की झोली करोड़ों से भर दी है। अब तक ढाई करोड़ के करीब का प्रॉपर्टी टैक्स इकट्ठा हो गया है और अब प्रॉपर्टी टैक्स की छूट अंतिम तिथि बढ़कर 30 अप्रैल कर दी गई है। नप ईओ ओपी सिहाग का अनुमान है कि नगर परिषद में इस एक माह में लगभग 1 करोड़ और प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी हो सकती है। दूसरी ओर ये भी जानकारी मिली है कि पार्षद राजेश जांगड़ा का प्रॉपर्टी टैक्स अधिक भरवा लिया गया, जिसके बाद अब उन्हें लगभग 35 हजार रुपये की राशि वापस लौटाई जाएगी। दरअसल नप चुनावों के दौरान नो ड्यूज के लिए राजेश जांगड़ा को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में लगभग 72 हजार रुपये की राशि भरवाई गई थी, लेकिन अब सर्वे में उनका प्रॉपर्टी टैक्स लगभग आधा ही बना है। अब उनकी बकाया राशि वापस लौटाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस बारे में बात करने पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने बताया कि हमारा लक्ष्य इस माह के अंत तक एक करोड़ और प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी करने का है। अगर इसके बाद भी कोई बिल नहीं भरता तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी जिसमें प्रॉपर्टी सील करने का विकल्प भी है।