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Fatehabad News: नियमों को ताक पर रखकर चल रहे निजी स्कूल संचालक, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

Sat, 21 Dec 2024 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के सिरसा रोड से गुजरती स्कूल बस के शीशे पर लगा बैनर। संवाद
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फतेहाबाद। निजी स्कूलों की बसों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। बिना सुरक्षा मानक पूरा किए बगैर जिले में निजी स्कूल वाहन दौड़ रहे हैं। कई निजी स्कूलों की बसें बिना फिटनेस के चल रही हैं, ये ही नहीं कुछ बसों में तो सहायक तक नहीं है। यहां तक कि कई स्कूलों के वाहनों के रंग तक पीला नहीं हैं।
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संबंधित अधिकारी बसों की चेकिंग तक नहीं कर रहे हैं। इसके चलते निजी स्कूल संचालकों के भी हौसले बढ़ रहे हैं और बिना नियमों को पूरा कर वाहनों को दौड़ा रहे हैं। अप्रैल माह में हुए कनीना स्कूल बस हादसे के समय सरकार व प्रशासन सख्ती में आए थे, मामला ठंडा होते ही अधिकारी भी वाहनों की चेकिंग नहीं कर रहे हैं।
पड़ताल में सामने आया कि कई निजी स्कूल विद्यार्थियों को लाने व छोड़ने के लिए मैजिक वैन व ई-रिक्शा का प्रयोग कर रहे हैं। उनका रंग तक पीला नहीं करवाया गया है। निजी स्कूलों की बसों में सहायक का होना जरूरी है। सहायक की ड्यूटी रहती है कि वह विद्यार्थी को बस में चढ़ाए और उतारे। इसके अलावा बस के अंदर सीटों को लेकर संतुलन बनाए रखे। लेकिन अधिकतर बसों में सहायक ही नहीं हैं।
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शीशे पर लगे हुए है बैनर
- नियमों के अनुसार स्कूल बस के शीशे पर किसी भी प्रकार का बैनर नहीं लगा होना चाहिए। लेकिन स्कूल संचालक अपने स्कूल का बैनर पीछे वाले बड़े शीशे पर लगवाकर रखते है। स्कूल बस के पीछे वाली तरफ पेंट से स्कूल का नाम व चालक की लापरवाही करने पर शिकायत नंबर होना जरूरी है। लेकिन स्कूल संचालक कोई भी शिकायत नंबर नहीं लिख रहे हैं।

ये मानक हैं जरूरी
- खिड़कियों में शीशे के साथ जाली लगा होना।
- ब्रेक, स्टेयरिंग, टायर दुरुस्त होना।
- स्पीड डिवाइस यंत्र का लगा होना।
- चालक का ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य।
- स्कूल बसों का पीला रंग में होना, आगे पीछे स्कूल बस लिखा होना।
- वाहनों पर स्कूल का नाम व फोन नंबर अंकित होना।
- वाहनों में आग बुझाने के लिए आवश्यक संयंत्र का होना।
- बस के दरवाजे में मजबूत लॉक का होना।
- फर्स्ट एड बॉक्स का होना।
- चालक के साथ एक सहायक का होना।
- स्कूल बसों में जीपीएस के साथ सीसीटीवी कैमरा होना।

समय-समय पर स्कूली बसों की जांच कर उनके चालान किए जाते है। अगर कोई स्कूली बस नियमों की उल्लघंन कर रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोपहर के समय भी चेकिंग की जाएगी।
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- संजय बिश्नोई, आरटीए, फतेहाबाद।
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