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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों को नहीं मिल रहीं आयरन की गोलियां

Sat, 12 Sep 2026 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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नागरिक अस्पताल में दवा काउंटर पर लगी भीड़लाइब्रेरी
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फतेहाबाद। सरकारी अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच जरूरी दवाओं का संकट गहरा गया है। खांसी-जुकाम के करीब हर चौथे मरीज को दवा नहीं मिल रही। गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी आयरन की गोलियां भी उपलब्ध नहीं हैं।
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अस्पताल में रोजाना गर्भवती महिलाओं की करीब 200 ओपीडी हो रही है। गर्भावस्था में आयरन मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसकी कमी से एनीमिया कमजोरी और थकान की समस्या हो सकती है। प्रसव के दौरान जटिलताओं का खतरा भी बढ़ सकता है। अस्पताल में आयरन सिरप उपलब्ध है लेकिन टैबलेट नहीं है।
दूसरी ओर दवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। वेंडरों ने पुराने रेट पर दवा सप्लाई देने से मना कर दिया था। इसके बाद नए टेंडर लगाए गए। नए रेट में दवाओं की कीमत 2 से 5 प्रतिशत तक बढ़ी है। लैब मेटीरियल के रेट में 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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स्वास्थ्य विभाग ने नए टेंडर के जरिए संशोधित रेट लिए हैं। अस्पताल में दवाओं के पिछले भुगतान का संकट भी बना हुआ है। इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये से कम राशि उपलब्ध है। ऐसे में दवाओं की नियमित सप्लाई प्रभावित हो रही है। मरीजों को अस्पताल में कई जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। संवाद

कफ सिरप के लिए बाहर के मेडिकल
खांसी-जुकाम के मरीजों को भी कई जरूरी दवाएं अस्पताल से नहीं मिल पा रही हैं। खासकर कफ सिरप न होने से मरीजों को बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ रही है। लगातार बढ़ते मरीजों के बीच सरकारी अस्पताल में दवा नहीं मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है।
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मरीजों की परेशानी
मरीज रामकिशन ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने के बाद जब अस्पताल की दवा खिड़की पर पहुंचे तो जरूरी दवा उपलब्ध नहीं मिली। बाहर से दवा खरीदने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। महिला सरोज ने बताया कि जांच में खून की कमी मिली तो डॉक्टर ने आयरन की गोली लेने की सलाह दी लेकिन अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा गया।
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अस्पताल में जिन दवाओं की कमी है उसकी डिमांड की जा रही है। अगर वेयर हाउस में दवा नहीं है तो उसकी खरीद की गई जाएगी।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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