फतेहाबाद। गर्भवती की जांच से लेकर डिलिवरी तक तमाम सुविधाएं देने का स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है। जमीनी हकीकत ये है कि नागरिक अस्पताल में गर्भवती को महिला रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए ही 30 से 40 मिनट तक खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। ये स्थिति एक या दो दिन की नहीं बल्कि रोजाना की हो रही है।
वजह ये है कि नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा के लिए अलग से ब्लॉक बनाया गया है। जहां पर महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा पीपीपी के तहत अल्ट्रासाउंड कक्ष भी है। लेकिन यहां पर गर्भवती के बैठने, शिशु के साथ आए अभिभावकों के बैठने के लिए व्यवस्था कम है। कुर्सियां कम होने के कारण गर्भवती को महिला रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। कई गर्भवती ऐसी भी होती हैं जो कि उच्च जोखिम में शामिल होती हैं लेकिन बावजूद इसके स्थिति जस की तस है।
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200 तक पहुंच जाती है ओपीडी
नागरिक अस्पताल में दो महिला रोग विशेषज्ञ है। अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की रोजाना 150 से 200 मरीजों की ओपीडी होती है। शिविर के दौरान संख्या 250 से भी ज्यादा पहुंच जाती है।
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महिला रोग विशेषज्ञ को चेकअप करवाने के लिए आए थे लेकिन 30 मिनट से बारी का इंतजार कर रहे हैं। यहां पर बैठने तक की व्यवस्था पूरी नहीं है। खड़े-खड़े ही यहां इंतजार करने को मजबूर हैं।
- राजरानी, मरीज
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अस्पताल में पर्ची कटवाने, फिर डॉक्टर को दिखाने के बाद दवाई लेने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है लेकिन बैठने की व्यवस्था नहीं है। कम से कम बैठने को लेकर कुर्सियों की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।
- कमलेश रानी, मरीज
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जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक में अगर बैठने को लेकर समस्या आ रही है तो शनिवार को ही व्यवस्था करवाई जाएगी। मरीजों को दिक्कत नहीं आने देंगे। सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के अस्पताल प्रबंधन की तरफ प्रयास किए जाए हैं।
- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।