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अस्पताल आने पर गर्भवती, टीबी मरीजों की पहले होगी कोरोना जांच, ओपीडी में फिर दिखा पाएंगे

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नागरिक अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन करवाते लोग। - फोटो : Fatehabad
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कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में आने वाले गर्भवती और टीबी मरीजों के लिए पहले कोरोना जांच करवाना अनिवार्य कर दिया है। कोरोना रिपोर्ट मिलने के बाद ये मरीज ओपीडी में डॉक्टर को दिखा पाएंगे। गर्भवती को कोरोना संक्रमण का ज्यादा खतरा होने के चलते विभाग ने फैसला लिया है। पिछली बार भी गर्भवती को ओपीडी में दिखाने से पहले कोरोना जांच जरूरी की गई थी। 10 में से 4 गर्भवती कोरोना संक्रमित मिल रही थी। इसी के चलते इस बार भी जरूरी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग इनके एंटीजन टेस्ट करेगा। इसके अलावा टीबी मरीजों के लिए भी जरूरी किया गया है। डॉक्टर के मुताबिक टीबी मरीजों के फेफड़े कमजोर होते है ऐसे में संक्रमित होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इनकी जांच जरूरी की गई है।
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इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के भी लिए जाएंगे सैंपल
नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों के भी कोरोना सैंपल लिए जाएंगे। इमरजेंसी में अगर कोई कोरोना लक्षण से संबंधित मरीज आता है तो उसका एंटीजन टेस्ट होगा। शुक्रवार को अस्पताल में बीघड़ रोड के व्यक्ति को गंभीर हालत में लाया गया था, जब जांच की गई तो वह कोरोना संक्रमित मिला। उपचार शुरू करने के दौरान ही व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इसके चलते अस्पताल प्रशासन ने सभी गंभीर मरीजों के कोरोना सैंपल जरूरी कर दिए हैं।
220 में से 44 मिले कोरोना संक्रमित
अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को ओपीडी में आए 220 मरीजों के एंटीजन टेस्ट किए। जांच में 44 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे में सैंपलिंग भी बढ़ेगी और केस निकल कर सामने आएंगे।
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ओपीडी की ये है स्थिति
कुल ओपीडी - 450 से 500
स्त्री रोग विशेषज्ञ - 150-175
फिजिशियन - 100-125
इमरजेंसी - 50 75
ऑपरेशन पर अभी असर नहीं, पहले की तरह चलेंगे
स्वास्थ्य विभाग ने अभी ओपीडी पर नियंत्रण को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। पिछले साल ओपीडी रोक दी गई थी। लेकिन इस बार अभी तक ओपीडी को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसके अलावा आंखों के ऑपरेशन पहले की तरह ही चल रहे हैं।
कोट
नागरिक अस्पताल में गर्भवती और टीबी मरीजों के लिए कोरोना टेस्ट जरूरी कर दिया है। क्यों कि गर्भवती और टीबी मरीजों को खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा इमरजेंसी में कोई केस आता है तो उसका भी सैंपल लिया जाएगा।
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- मेजर डॉ. शरद तुली, नोडल अधिकारी, फ्लू क्लीनिक।
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