मसाला फैक्टरी निवासी महिला की हत्या के बाद अस्पताल में रखे शव के पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजन भड़क उठे और हिसार रोड पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर जांच अधिकारी कृष्ण कुमार और एसएमओ सतीश गर्ग मौके पर पहुंचे और पोस्टमार्टम में देरी का कारण बताकर जाम खुलवाया। जाम के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के बाद डॉ. सतीश के गर्ग के नेतृत्व में डॉ. जावेद और डॉ. सोनिया का बोर्ड बनाकर शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। इससे पूर्व प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के मेन गेट को बंद करने का प्रयास भी किया।
शनिवार दोपहर को दिनदहाड़े एक व्यक्ति द्वारा दमकौरा रोड पर महिला की लोहे की नलके की हत्थी से हमला कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद आरोपी को लोगों ने दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया था तथा शव क ो पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवग्रह में रखवा दिया था। दोपहर लगभग 11 बजे तक पोस्टमार्टम की कार्यवाही नहीं होने से मृतक महिला के परिजन भड़क उठे और उन्होंने रोड़ पर जाम लगा दिया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
क्या कहते है परिजन
इस बारे में मृतक महिला के बरवाला निवासी परिजन सोमनाथ ने बताया कि उसकी पुत्रवधू सुमन की शनिवार को हत्या कर दी गई थी। जिसके शव को अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखने के बाद रविवार सुबह लगभग आठ बजे पोस्टमार्टम के बाद शव लेने के लिए पहुंचे, लेकिन अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं होने से उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो उनके साथ इतना बड़ा हादसा हो गया दूसरी तरफ उन्हें शव लेने के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार दोपहर लगभग दो बजे हुई हत्या के बाद रविवार को दोपहर 11 बजे तक मृतक का शव न मिलना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। सरकार द्वारा इस मामले मे जो भी लापरवाही बरत रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
एसएमओ ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, कागजी कार्यवाही में लगा समय
इस बारें मे एसएमओ डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि शनिवार दोपहर को शव को शवगृह में रखवाया गया था लेकिन उनके पास पुलिस द्वारा रविवार सुबह दस बजे तक कागजात पूरे करके नहीं दिए गए थे। इसके अलावा उनके पास महिला चिकित्सक की भी कमी बनी हुई है। अस्पताल की इकलौती महिला चिकित्सक पिछले कई दिनों से छुट्टी पर चल रही हैं। एक अन्य महिला चिकित्सक जिसकी ड्यूटी मामुपुर पीएचसी में है वह दो-दिन शुक्रवार और शनिवार को अस्पताल में होती हैं, लेकिन रविवार को उनको पंजाब से आने में हुई देरी के चलते पोस्टमार्टम में देरी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि इस काम में पुलिस प्रशासन का रवैया ढुलमुल रहा। पुलिस ने लगभग 20 घंटे बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए कागजात पूरे करके दिए। जिस कारण उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। एसएमओ ने यह भी बताया कि महिला चिकित्सक को बार-बार फोन करने के बाद भी देरी से आई, जिसकी शिकायत वे विभाग के उच्च अधिकारियों से करेंगे।
ये था मामला
बीते दिन मसाला फैक्ट्री एरिया की रहने वाली विधवा सुमन की दिनदहाड़े एक व्यक्ति नलके के हत्थे द्वारा वारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस संदर्भ में आरोपी को काबू कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।