कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद लोगों को अब कई अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 10 से 15 ऐसे पोस्ट कोविड मरीज पहुंच रहे जिनको सांस लेने में दिक्कत हो रही है। लेकिन इन मरीजों को सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि नागरिक अस्पताल में पोस्ट कोविड मरीजों के लिए ओपीडी ही शुरू नहीं की गई है।
अस्पताल में एकमात्र फिजिशियन हैं जिसकी कोरोना संक्रमितों के उपचार ड्यूटी लगी हुई है। इसके चलते 10 में से मात्र एक से दो मरीज ही फिजिशियन तक पहुंच पा रहे हैं। डॉक्टरों की माने तो कोरोना वायरस के कारण फेफड़ों पर असर पड़ रहा है। मरीज संक्रमण से तो ठीक हो चुके हैं लेकिन फेफड़ों पर असर पड़ा है, इसके चलते सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे मरीजों की एंटी फाइब्रोटिक दवा शुरू की जाती है। ये दवा सरकारी अस्पताल में खरीदी ही नहीं गई है। बताया जा रहा है ये दवा महंगी होती है, जो कि मरीजों को बाहर मेडिकल से खरीदनी पड़ रही है।
जानिए कहां कितने मरीज मिले
क्षेत्र संक्रमित मिल चुके
फतेहाबाद 4234
टोहाना 2254
रतिया शहर 936
रतिया ग्रामीण 1631
भट्टू 2340
बड़ोपल 831
भूना 1993
जाखल 1255
ठीक हुए मरीजों की स्थिति
कुल मरीज मिले - 15474
स्वस्थ हुए - 12481
कोट
व्यायाम जरूर करें मरीज : विशेषज्ञ
पोस्ट कोविड मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ज्यादा संक्रमण के कारण फेफड़े काम करना बंद कर जाते हैं। ऐसे में मरीज की दवाई शुरू की जाती है। अस्पताल में मरीज आ रहे है लेकिन अभी तक ओपीडी शुरू नहीं की गई है। कोरोना संक्रमण से अगर कोई स्वस्थ हो गया है तो वह व्यायाम जरूर करें। व्यायाम भी विशेषज्ञ की राय के बार करें। कुछ क्रियाएं ऐसी है जिनसे फायदा मिल सकता है।
- डॉ. मनीष टुटेजा, फीजिशियन, नागरिक अस्पताल।