गांव लाली की नवनिर्वाचित महिला सरपंच रीना रानी ने एक सार्वजनिक समारोह में गांव से पर्दा प्रथा बंद करने का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने खुद भी घूंघट उठा दिया और मौके पर मौजूद महिला पंचों से भी अपना घूंघट उठाने को कहा।
साथ ही महिला सरपंच रीना रानी ने एलान किया कि वह और उनकी टीम गांव में प्रत्येक घर में जाकर इस प्रथा को दूर करने का प्रयत्न करेंगी। मौका था पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल के सम्मान समारोह का। इस दौरान दुग्गल ने गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने एवं समाज के योगदान में पूर्ण योगदान देने का संदेश दिया।
महिला सरपंच रीना रानी ने कहा कि गांव में पंचायत से अलग एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें हम उन जातियों से जिनमें कोई भी पंचायत मेंबर नहीं चुना गया, उनको शामिल किया जाएगा। इसके अलावा गांव में अलग-अलग विभागों से रिटायर्ड कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। सरपंच ने कहा कि गांव का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर रहने देंगे। इसके लिए घर-घर जाकर अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान ब्लॉक समिति सदस्य नीलम रानी, सरपंच रीना रानी, पंच रवि बाटू, सोम चांद, मंगत राम, सुमन रानी, हरपाल सिंह, परमजीत कौर, सुमन रानी, कुंती देवी, महेंद्र सिंह, शर्मा चंद ,शेर सिंह, देवा राम, सरदार कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे।