फतेहाबाद में स्टॉल पर बेचने के रखे पटाखे। संवाद
फतेहाबाद। दिवाली के त्योहार पर अधिकारियों की छुट्टियों का फायदा शहर में पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदार उठा रहे हैं। ग्रीन पटाखों के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों का काम जोरों पर है। जिला प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, शहर में पटाखों के गोदामों और अस्थायी स्टॉलों पर खुलेआम पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले और प्रतिबंधित पटाखे बेचे जा रहे हैं।
चिंताजनक बात यह है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी जब जांच करने के लिए इन गोदामों में जाते है तो उन्हें कुछ भी नहीं मिलता। वहीं दुकानदार ग्राहकों के लिए खुलेआम ये पटाखे बेच रहे हैं। इस खुले उल्लंघन पर प्रदूषण बोर्ड व पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि इस बार केवल ग्रीन पटाखे की ही बिक्री होगी, जो कि तुलनात्मक रूप से कम प्रदूषण फैलाते हैं। इसके लिए शहर के सेक्टर 10 में शहर पुलिस थाना के पास ही 14 अस्थायी स्टॉल लगाने की अनुमति प्रशासन की ओर से दी गई है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि इन स्टॉलों पर भी ग्रीन पटाखों के साथ-साथ भारी मात्रा में ऐसे पारंपरिक पटाखे भी बेचे जा रहे हैं।
इनमें हानिकारक रसायन होते हैं और जो अत्यधिक ध्वनि व वायु प्रदूषण फैलाते हैं। साथ ही बाजार में कई ऐसे पटाखे मौजूद हैं, जिन पर ग्रीन पटाखों का नकली लेबल लगा हुआ है, जबकि उनकी पैकिंग और सामग्री प्रतिबंधित पटाखों जैसी ही है।
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बोर्ड के अधिकारी बाेले- गोदामों की हुई थी जांच, लेकिन नहीं मिले दूसरे पटाखे
फतेहाबाद के हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ दीपक ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने पटाखों के गोदाम की जांच की थी, इस दौरान वहां पर ग्रीन पटाखों के अलावा कुछ भी नहीं मिला। अगर कहीं मानक के अनुसार पटाखे नहीं मिलते हैं तो उस पर पुलिस ही कार्रवाई कर सकती है। वहीं शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि अवैध रूप से पटाखों की बिक्री को लेकर सख्ती की हुई है। कहीं भी अवैध रूप से पटाखे नहीं बिक रहे हैं।