नगर परिषद चुनावों में आप सभी उम्मीदवारों को नकार नहीं पाएंगे। उम्मीदवार अच्छे हों या बुरे, आपको अपना ईवीएम का बटन दबाकर उनको वोट देना ही पड़ेगा। मई में संभावित नगर परिषद चुनावों में नोटा का बटन नहीं होगा। हालांकि अभी इसकी औपचारिक घोषणा होने में समय लगेगा लेकिन चुनाव आयोग एवं नगर परिषद के विश्वस्त सूत्रों ने इसकी पुष्टि कर दी है। इतना ही नहीं, इस बार नगर परिषद चुनावों में नोटा बटन न होने के बावजूद वोटिंग प्रतिशत में उछाल आने की संभावना नप अधिकारी लगा रहे हैं।
मतदाताओं की कम संख्या इसकी वजह
बीते विधानसभा और संसदीय चुनावों में ईवीएम मशीनों पर नोटा का बटन मौजूद था। लेकिन विधानसभा और संसदीय चुनाव पूरी तरह से केंद्रीय चुनाव आयोग की देखरेख में होते हैं और केन्द्रीय स्तर पर ही दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन पंचायत और नप चुनावों की देखरेख का जिम्मा राज्य चुनाव आयोग के पास होता है। सूत्रों के अनुसार राज्य चुनाव आयोग नोटा बटन को नगर परिषद चुनावों में इस्तेमाल करने के पक्ष में इसलिए भी नहीं है क्योंकि वार्ड वाइज चुनावों में मतदाताओं की संख्या काफी कम होती है। पिछले चुनावों में भी नोटा का बटन ईवीएम मशीनों पर नहीं था। हालांकि आगामी चुनावों में इसके इस्तेमाल की संभावना भी नगर परिषद के अधिकारी भी जता रहे हैं।
49 हजार वोटर बनाएंगे शहर की सरकार
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो नगर परिषद चुनावों के लिए वोटर लिस्ट का प्रथम प्रकाशन 16 फरवरी को कर दिया जाएगा। इसके बाद 16 से लेकर 29 फरवरी तक वोटर लिस्ट में दिक्कतों को लेकर लोगों से आवेदन मांगें जाएंगे। इस दौरान शहरी वोटर लिस्ट को चेक कर सकते हैं कि उनका वोट है या कट गया। इसके अलावा किसी अवांछित व्यक्ति का गलत वोट तो संबंधित वार्ड में नहीं बन गया। मृतकों के नाम काटे भी जाएंगे। ऐसे में नगर परिषद के अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि मार्च के दूसरे-तीसरे हफ्ते तक ही नप चुनावों के लिए फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
21 की जगह अब होंगे 25 वार्ड, 21 में सबसे ज्यादा वोट
नप द्वारा पिछले दिनों जारी की गई लिस्ट के मुताबिक शहर में लगभग 47 हजार वोट हैं। अधिकारी मार्च में आने वाली फाइनल लिस्ट में मौजूदा वोटों से महज हजार-पंद्रह सौ वोटों की संभावित बढ़ोतरी मानकर चल रहा है। मौजूदा लिस्ट के मुताबिक इस बार कुल वार्डों की संख्या 21 से बढ़कर 25 हो चुकी है। वार्ड नंबर 21 में इस वक्त सर्वाधिक 2746 वोट हैं। पिछले प्लान में ये वार्ड नंबर 10 के नाम से जाना जाता था जिसका प्रतिनिधित्व निवर्तमान नप अध्यक्ष वीरेन्द्र नारंग करते थे। सबसे कम वोटों वाले वार्ड में पांच नंबर वार्ड का जिक्र आता है। इस वार्ड में महज 1153 वोट ही हैं। हालांकि वार्डों की वोटर लिस्ट में इजाफे की संभावना है।
जहां तक मुझे जानकारी मिली है, नगर परिषद चुनावों में ईवीएम मशीन पर नोटा का बटन नहीं होगा। फाइनल वोटर लिस्ट मार्च में तैयार होने की संभावना है। नगर परिषद प्रशासन चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है।
-ओ.पी.सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद।