कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने प्रदेश भर में सुशासन सहयोगियों की नियुक्तियों पर निशाना साधा है। मंगलवार देर रात सुंदर नगर में निजी समारोह में पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि जैसे पिछले करीब दो सालों के भीतर सीएम विंडो कार्यप्रणाली का हश्र हुआ है और उसका कोई परिणाम नहीं निकला है। ठीक वैसी ही लागू की जा रही इन नवीन प्रणालियों का भी कोई नतीजा नहीं निकलने वाला। उन्होंने कहा कि ऐसी नियुक्तियों से अफसरशाही में भी गुस्सा पनपेगा, क्योंकि प्रदेशभर में अफसरशाही पिछले लंबे समय से और व्यापक अनुभव के आधार पर काम कर रही है। अब ऐसे में सुशासन सहायकों की नियुक्ति में असमंजस की स्थिति पैदा होगी कि अफसर उन्हें रिपोर्ट करेंगे अथवा उनसे रिपोर्ट लेंगे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष तंवर ने भाजपा की ओर से नए लोकायुक्त की नियुक्ति को असंवैधानिक एवं गैर लोकतांत्रिक बताते हुए सरकार से आग्रह किया कि इस नियुक्ति को न किया जाए। उन्होंने रोहतक में गैंगरेप की पीड़िता के साथ दोबारा वही घटना को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। तंवर ने कहा कि राज्य सरकार को और खासकर पुलिस प्रशासन को चुस्त दुरुस्त बनाने की आवश्यकता है, जिससे ऐसी घिनौनी घटनाएं न घट सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन पर नकेल न कसे होने के कारण ही आज पूरे प्रदेश में हत्या, छीना झपटी, लूटपाट, बलात्कार जैसे अपराधों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद जिले में किसानों की जो फसलें सफेद मक्खी और ओलावृष्टि से खराब हो गई थी, उन्हें आज तक उचित मुआवजा नहीं मिल सका है।