भूना। नगर पालिका की हाउस मीटिंग में चेयरपर्सन और पार्षदों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सोमवार सुबह 11 बजे चेयरपर्सन अर्पणा पंकज पसरीजा की अध्यक्षता में नगर पालिका की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 15 में से केवल 6 पार्षद ही शामिल हुए।
बैठक में शहर के विकास को लेकर कई प्रस्ताव पास किए गए, लेकिन अधिकतर पार्षदों की गैरमौजूदगी ने इस मीटिंग को विवादों में ला खड़ा किया। बैठक में प्रजापति धर्मशाला के सामने लाइब्रेरी, परशुराम धर्मशाला के पीछे इंडोर स्टेडियम, भगत सिंह पार्क के पास भगवान वाल्मीकि चौक, हिसार रोड पर पाबूजी चौक और रतिया कैंची चौक का नामकरण महाराजा रणजीत सिंह के नाम पर करने जैसे प्रस्ताव रखे गए।
बैठक के बारे में कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि उन्हें इसकी सूचना बहुत देर से यानी रविवार शाम को दी गई, जिससे वे पहले से तय कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण नहीं पहुंच पाए। वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी समेत भाजपा समर्थित 11 पार्षदों ने इस मीटिंग को रद्द करने की मांग सचिव और डीएमसी से की।
उनका कहना था कि सोमवार को ही जाखल में बीजेपी की जिला कार्यकारिणी की अहम बैठक थी, जिसमें उनकी मौजूदगी जरूरी थी। इसके बावजूद चेयरपर्सन ने बैठक रद्द नहीं की और महज 6 पार्षदों की मौजूदगी में कार्यवाही की। वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी द्वारा मीटिंग रद्द करने के लिए दिए गए पत्र पर 10 पार्षदों के हस्ताक्षर थे, लेकिन उसके बाद भी चेयरपर्सन ने मीटिंग करवाने का निर्णय लिया। इस कारण सचिव को बैठक आयोजित करनी पड़ी।
बैठक में वार्ड 2 के पार्षद रोहताश जांगड़ा, वार्ड 4 से अमन बाबा, वार्ड 7 से रामनिवास, वार्ड 8 की पूजा, वार्ड 11 की शीला देवी व वार्ड 14 के प्रकाश कुमार मौजूद रहे। इस बैठक में दो मनोनीत पार्षद पूनम सिंगला और जम्मू कंबोज को शपथ दिलाई जानी थी, जो संभव नहीं हो पाई क्योंकि दोनों मनोनीत पार्षद जाखल में भाजपा मीटिंग में शामिल होने के लिए गए हुए थे।
शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर अड़चन खड़ी कर रहे हैं। 8 अगस्त को ही मीटिंग की सूचना सभी पार्षदों को समय पर दे दी गई थी।
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नगर पालिका कार्यालय में डेट हाउस की बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा करती हुई चेयरपर्सन अर्पणा प