फोटोस्टेट की दुकान पर पूछताछ करते पुलिस अधिकारी।
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हिसार में होने वाली सेना भर्ती में फर्जी कोरोना रिपोर्ट देने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को फोटोस्टेट की दुकान पर दबिश दी। पुलिस ने दुकानदार से लैपटॉप और अन्य दस्तावेज कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को हिसार में सेना की भर्ती होनी है। सेना के नियमानुसार भर्ती में भाग लेने वाले युवाओं के पास कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होनी जरूरी है, जिसके लिए पिछले कुछ दिनों से नागरिक अस्पताल में काफी युवक आ रहे हैं। टेस्ट का सैंपल देने के पश्चात अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट मिलती है। उस पर नागरिक अस्पताल के एसएमओ के साइन करवाने होते हैं। शुक्रवार दोपहर बाद नागरिक अस्पताल में एसएमओ डॉ. भरत सहारन के पास दो युवक कोरोना आरटीपीसीआर की अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से आने वाली निगेटिव रिपोर्ट के दस्तावेज लेकर साइन करवाने आए। इन युवकों के पास मौजूद रिपोर्ट का प्रारूप देखकर डॉ. भरत को शक हुआ कि यह रिपोर्ट फर्जी हो सकती है।
उन्होंने इस रिपोर्ट पर युवकों के कोरोना के सैंपल देने की अंकित तिथि को अस्पताल के रिकॉर्ड में जांच की। रिकॉर्ड के अनुसार इन युवकों ने इस तिथि को नागरिक अस्पताल में कोरोना टेस्ट का सैंपल नहीं दिया था, जिस पर एसएमओ डॉ. भरत सहारन ने युवकों से पूछताछ की। युवकों ने बताया कि उन्होंने शहर के सती मंदिर के समीप एक फोटोस्टेट की दुकान से कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट का यह प्रारूप प्राप्त किया है, जिस पर डॉक्टर भरत ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने फोटोस्टेट की दुकान पर कार्रवाई यहां से लैपटॉप व अन्य दस्तावेजों बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शहर थाना अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया कि लैपटॉप व अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।