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Fatehabad News: उम्रकैद की सजा पाने वाले को दुबई से लेकर आई पुलिस

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फतेहाबाद। टोहाना के गांव जमालपुर शेखां में करीब 30 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में जिला पुलिस दोषी को दुबई से प्रत्यर्पण करके फतेहाबाद लेकर आई है। पुलिस ने उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 दिसंबर 1994 को टोहाना सदर पुलिस ने गांव जमालपुरशेखां निवासी महिला बलविंद्र कौर की शिकायत पर नरेंद्र निवासी साधनवास, सीताराम, रूल्दूराम, हरनाम सिंह, रूपचंद, कृष्ण व पिला सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। इस मामले में बलविंद्र कौर ने बताया था कि उसके पति स्वर्ण सिंह का गांव के हरनाम सिंह के साथ झगड़ा हो गया था। हरनाम सिंह इसी बात को लेकर उसके पति से रंजिश रखे हुए था। 25 दिसंबर 1994 को वह अपने मायके जाखल गई हुई थी। उसके घर में उसका 13 साल का बेटा गुरबख्श, उसका पति स्वर्ण सिंह व उसके पति के खेत से कीकर काटने के लिए आया महेंद्र सिंह मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान उपरोक्त दोषी हाथों में गंडासे लेकर उनके घर पहुंच गए। उसके पति ने जान बचाने के लिए मेन गेट बंद कर दिया। आरोप था कि आरोपी दीवार फांदकर अंदर घुस गए और गंडासों से महेंद्र सिंह व स्वर्ण सिंह पर कई वार किए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उसके बेटे गुरबख्श को भी चोटें आईं और उसने घर से भागकर बसों के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। संवाद

वर्ष 1995 में हिसार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में दायर की गई थी चार्जशीट



इस मामले में 17 मई 1995 को हिसार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में चार्जशीट दायर की गई थी। 8 दिसंबर 1998 को सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को हिसार अदालत ने बरी कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता पक्ष पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चला गया, जहां 1999 में अदालत ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। हिसार की अदालत से बरी होने के बाद नरेंद्र निवासी साधनवास दुबई चला गया था। अदालत के आदेशों पर पुलिस ने उसको प्रत्यारोपित करने के लिए प्रयास आंरभ कर दिए। यहां पर समस्या यह थी कि दुबई में किसी भी कागजात के लिए हिंदी व अंग्रेजी भाषा नहीं चलती थी। पुलिस को बार-बार अरेबियन भाषा में कागजात तैयार करने पड़ रहे थे।
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10 अक्तूबर 2013 को अदालत से नरेंद्र को दुबई से भारत लाने के वारंट जारी हो गए। अब पुलिस नरेंद्र को दुबई से प्रत्यर्पण करके भारत ले आई है। उसे सीजेएम अंबरदीप सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया गया। दोषी को दुबई से प्रत्यर्पण के लिए गुरुग्राम एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम, उनकी टीम व फतेहाबाद से एसपी रीडर एएसआई राहुल गए थे।
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