फतेहाबाद। धान की कटाई का सीजन शुरू होते ही पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए फतेहाबाद पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने एक विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए पराली जलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली या भूसे को खेतों या खुले स्थानों पर जलाना कानूनन अपराध है और इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।
एसपी जैन ने कहा कि पराली जलाने की घटनाएं न केवल खेतों की उर्वरक क्षमता को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि इससे उठने वाला धुआं वातावरण में घना कोहरा बनाता है, जो सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को बढ़ाता है। साथ ही, यह वायु प्रदूषण से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे अस्थमा, एलर्जी, हृदय और फेफड़ों की बीमारियों को भी बढ़ावा देता है।
कानूनी कार्रवाई से नहीं बचेंगे दोषी
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों के अनुसार पराली जलाने पर जुर्माना, एफआईआर, और अन्य सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, मल्चर जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि किसान पराली को जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से उसका प्रबंधन कर सकें।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि कहीं भी पराली या भूसे को जलाए जाने की घटना दिखाई दे, तो तुरंत निकटतम थाना, बीट अधिकारी, या पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दें। नागरिक पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 या कंट्रोल रूम नंबर 88140-11741 पर भी संपर्क कर सकते हैं।