मुकेश खुराना। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत में ही अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था लचर और बीमार नजर आई। अभियान के तहत चयनित केंद्रों पर उम्मीद से ज्यादा गर्भवती महिलाएं पहुंची, लेकिन अव्यवस्था के कारण महिलाओं को काफी दिक्कतें हुईं।
सिविल अस्पताल फतेहाबाद केंद्र पर घंटों से बारी के इंतजार में बैठी दो महिलाएं बेहोश हो गईं। उसके बाद एक आशा वर्कर भी चक्कर खाकर गिर गई। आनन-फानन में तीनों महिलाओं को इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया और उपचार शुरू किया गया। अव्यवस्था का आलम यह रहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 1239 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया, लेकिन 50 प्रतिशत महिलाओं का ही पूरा चेकअप हो चुका। आधी महिलाएं बिना पूरा चेकअप करवाए वापस लौट गईं।
महिलाएं होने लगीं बेहोश तो पिलाई गई कोल्ड-ड्रिंक
सिविल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के चेकअप के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए। अस्पताल के बाहर रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाया गया। जहां पर कागजी कार्र्यवाही के बाद ओपीडी काउंटर पर भेजा गया। बैठने की व्यवस्था न होने के कारण महिलाओं को नीचे ही बिठाया गया।
करीब 150 महिलाओं के लिए केवल एक ही कूलर की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान गर्मी और उमस के कारण दो महिलाएं बेहोश होकर गिर गईं। उसके बाद एक आशा वर्कर चक्कर खाकर गिर गई। आनन-फानन में अस्पताल में महिलाओं को कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई।
एक घंटे बाद पहुंचे एडीसी
साढ़े 11 बजे अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने रिबन काटकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उनके साथ सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुजाता बंसल, डॉ. कुलदीप गौरी, डॉ.गिरीश, एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल मौजूद रहे। एडीसी ने सिविल अस्पताल सेंटर पर बनाए गए काउंटरों पर जाकर निरीक्षण किया।
एडीसी अभीर ने कहा कि हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान चलाया जाएगा और गर्भवती महिलाओं का स्पेशलिस्ट डाक्टर से चेकअप करा उपचार शुरू किया जाएगा।
इन सेंटरों पर हुआ चेकअप
सिविल अस्पताल फतेहाबाद, सिविल अस्पताल टोहाना, रतिया, सीएचसी भट्टू, भूना, जाखल और पॉलीक्लीनिक
पहले अभियान में आधी महिलाओं का ही हुआ पूरा चेकअप:
रजिस्ट्रेशन इनका हुआ चेकअप
फतेहाबाद- 194 - 97
रतिया- 450 - 93
भट्टू- 132 - 40
जाखल - 71 - 65
पॉलीक्लीनिक-42 - 39
टोहाना- 200 - 200
भूना- 162 - 122
नहीं थी अल्ट्रासाउंड की सुविधा
सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड सुविधा न होने और डाक्टरों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं का पूरा चेकअप नहीं हो सका। फतेहाबाद में आधी महिलाओं का तो रतिया में 25 प्रतिशत से कम महिलाओं का पूरा चेकअप हो पाया। हालांकि, टोहाना में सभी महिलाओं का पूरा चेकअप हुआ क्योंकि वहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा थी।
सिविल सर्जन बोले, डॉक्टरों की है कमी
जगह के साथ-साथ डाक्टरों की कमी है। कुछ अन्य खामियां रही हैं। अगली बार सभी कमियां को दूर कर दिया जाएगा।
डॉ. अशोक चौधरी, सिविल सर्जन फतेहाबाद
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत हो गई है। इसके तहत दूसरी व तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं की हर महीने मुफ्त डाक्टरी जांच की जाएगी। इसमें महिलाओं की लैब जांच, अल्ट्रासाउंड और मुफ्त दवाइयों की सुविधा दी जाएगी। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को अगर जरूरत हुई तो उन्हें मेडिकल भी रेफर किया जाएगा।
डॉ. सुजाता बंसल, डिप्टी सिविल सर्जन