फतेहाबाद के अलावा हिसार में कई संगठन सड़क पर उतर आए और सरकार व मंत्री विज के खिलाफ प्रर्दशन किया। इस विवाद के बीच शनिवार सुबह एसपी संगीता कालिया की तबीयत बिगड़ने की सूचना आई और डाक्टरों की एक टीम जांच करने के लिए पहुंची।
एसपी कैंप के बाहर सुबह से लेकर दोपहर तक मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा, लेकिन एसपी ने बात करने से मना कर दिया। हरियाणा पुलिस कर्मचारी संघ ने भी मंत्री विज का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
फतेहाबाद में नेशनल हाईवे पर नारेबाजी करते हुए सामाजिक संगठनों के लोग लाल बत्ती चौक पर पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री विज का पुतला फुंका।
लोगों ने कहा कि एसपी कालिया के साथ विज ने जो दुर्व्यवहार किया है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरियाणा पुलिस कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष बलवान लांबा ने कहा कि मंत्री अनिल विज मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं, जो अधिकारी दबाव में नहीं आ रहा उसके साथ ऐसी ओछी हरकत कर रहे हैं।
एसपी कालिया या उनकी वर्दी के ऊपर कोई आंच आती है तो हम आंदोलन करेंगे। पूर्व संसदीय सचिव एवं हजकां नेता दुड़ाराम ने विज पर निशाना साधते हुए कहा कि खट्टर सरकार के बेलगाम मंत्री अनिल विज चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे ओछे हथकंडे अपनाते रहते हैं।
ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क तथा दलित विधि चेतना मंच के प्रदेश संयोजक व दलित अत्याचार मामलों की पैरवी करने वाले एडवोकेट रजत कल्सन ने अजा आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह को मामले की वीडियो व समाचार पत्रों की कटिंग भेजकर कैबिनेट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने अनिल विज द्वारा पुलिस अधीक्षक को सार्वजनिक रूप से गेट आऊट कहने की आलोचना करते हुए इसे सत्ता के अहंकार में अफसर का अपमान बताया।
हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष दलबीर किरमारा ने कहा कि राज्य के मंत्रियों को अपने पद की गरिमा भूलकर किसी अधिकारी का अपमान नहीं करना चाहिए।