फतेहाबाद। प्रदेश सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के नियमों में बदलाव किया है, जिससे योजना की पात्रता बढ़ाई गई है। इसके तहत अब कक्षा 10वीं और 12वीं में 80 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की माताओं को भी योजना का लाभ मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ाना है।
सोमवार को नागरिक संसाधन सूचना विभाग के कार्यालय पर लोगों की भीड़ रही। लोग परिवार पहचान पत्र में अपनी सालाना आय कम करवाने पहुंचे, ताकि वे योजना की पात्रता श्रेणी में आ सकें। जिले में लाडो लक्ष्मी योजना की पात्र महिलाओं की संख्या 98,760 है, लेकिन अब तक करीब 55 हजार महिलाओं ने ही आवेदन किया है।
नियमों में बदलाव के बाद पात्रता की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। क्रीड़ा विभाग में पहुंची रमनकौर ने बताया कि उनकी सालाना आय 1 लाख 40 हजार है, इसलिए पहले उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। हालांकि, उनकी बेटी ने 85 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं, जिससे अब वह योजना के लिए पात्र होंगी।
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कुपोषण मुक्त होने पर मिलेगा लाभ
क्रीड विभाग में तैनात संदीप काजला ने बताया कि योजना को आर्थिक सहायता सहित स्वास्थ्य से भी जोड़ा गया है। यदि कोई बच्चा कुपोषण या एनिमिया से ग्रसित है, तो उसके स्वस्थ होने पर परिवार को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और स्वस्थ बचपन सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार होगा।
:: योजना के नए मापदंडों का लाभ लेने के लिए लोग अपनी सालाना आय कम करवाने व विद्यार्थियों के द्वारा 80 फीसदी से अधिक प्राप्त किए गए अंकों को लेकर सक्रिय हो गए हैं और कागजात पूरे करवाने में लगे हैं। नए बदलावों के बाद इस संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है।
-सुरेश कुमार, जिला प्रबंधक नागरिक संसाधन सूचना विभाग, फतेहाबाद।