शहर के नागरिक अस्पताल के सामने शुक्रवार दोपहर बाद पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ रेहड़ी वाले भड़क गए। आरोप था कि पुलिस कर्मचारियों ने एक रेहड़ी वाले को डंडा मारा। इसके बाद भड़के रेहड़ी वालों ने रतिया बुढलाडा मार्ग पर जाम लगा दिया। रेहड़ी चालकों की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मचारी जब जाम खुलवाने आए तो रेहड़ी वालों की पुलिस कर्मचारियों के साथ हाथापाई हो गई। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को धक्के मार कर वहां से दूर भगा दिया। बाद में ड्यूटी मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश व सिटी थाना अध्यक्ष जय भगवान मौके पर पहुंचे और पिटाई करने वाले पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी बदलने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस कर्मचारी पीसीआर पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान बुढलाडा रोड पर बस स्टैंड के नजदीक कुछ रेहड़ी वाले वहां से गुजर रहे थे। पुलिस कर्मचारियों का रेहड़ी संचालक के साथ विवाद हो गया। रेहड़ी संचालक गुरप्रीत सिंह व बाबर सिंह ने आरोप लगाया कि इस दौरान पीसीआर में तैनात एएसआई जीत सिंह व अन्य कर्मचारियों ने उनकी डंडों से पिटाई करनी शुरू कर दी। उन्हें हाथ व कंधे पर गहरी चोट लगी। पिटाई करने के बाद उक्त पुलिस कर्मचारी पीसीआर लेकर वहां से चले गए। घायलों को उन्हें अस्पताल में दाखिल करवा दिया। इसकी सूचना जैसे ही अन्य रेहड़ी वालों को लगी तो वे काफी संख्या में नागरिक अस्पताल के गेट के बाहर पहुंच गए। उन्होंने पिटाई करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। बताया गया है कि वही पुलिस कर्मचारी पीसीआर पर जाम खुलवाने के लिए पहुंच गए जिनको देखकर रेहड़ी संचालक भड़क गए और उन्होंने उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इस दौरान रेहड़ी चालकों की पुलिस कर्मचारियों के साथ हाथापाई हुई। रेहड़ी चालकों ने आरोप लगाया कि पीसीआर में तैनात पुलिस कर्मचारी अक्सर उनके साथ दुर्व्यवहार करते रहते हैं। कई पुलिस कर्मचारी उनके रेहड़ी से सब्जी तथा फल लेकर पैसे भी नहीं देते। यह सरासर पुलिस की गुंडागर्दी है।
पुलिस कर्मियों को पीसीआर से हटाने का दिया आश्वासन
बाद में मौके पर पहुंचे ड्यूटी मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश व सिटी थाना अध्यक्ष जय भगवान ने लोगों से बातचीत की। आरोपी पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पीसीआर से हटाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया। थानाध्यक्ष जय भगवान ने बताया कि चार पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ रेहड़ी चालकों ने मार पिटाई करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पीसीआर से बदल दी गई है।