जाखल निवासी अंकुश कुमार सरकार से जारी पत्र के साथ। संवाद
जाखल । वृद्ध, विकलांग व विधवा पेंशनधारकों को प्रत्येक माह मिलने वाली राशि को आय का स्रोत नहीं माना जाएगा। इससे पेंशनधारकों को राहत मिली है। शहर के अंकुश गोयल की ओर से सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की आय के संबंध में मांगी गई जानकारी प्राप्त होने पर अब स्पष्टीकरण मिला है।
पहले विधवा, वृद्धावस्था और विकलांग पेंशन को पीपीपी में परिवार की आय के रूप में माना जाता था। इससे पेंशनपात्र सदस्यों वाले परिवारों की आय पीपीपी में बढ़ जाती थी। इससे सर्वाधिक परेशानी उन्हें हो रही थी, जो पेंशनपात्र अपने बच्चों के साथ रह रहे हैं। इससे उनकी वार्षिक आय परिवार पहचान पत्र में तीन लाख रुपए से अधिक हो रही थी, लेकिन अब आरटीआई से प्राप्त सूचना में पेंशन राशि को आय का स्रोत न मानने की स्थिति स्पष्ट होने से हरियाणा वासियों को बड़ी समस्या से निजात मिलेगी।
जाखल निवासी अंकुश कुमार ने बताया कि उन्होंने बीते वर्ष आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन कर हरियाणा सरकार से परिवार पहचान पत्र के संबंध में ये जानकारी मांगी थी। मांगी गई सूचना के आधार पर उन्हें अब इस संबंध में सरकार की ओर से एक पत्र में पेंशन को आय में नहीं माने जाने का स्पष्टीकरण मिला है।
इससे परिवार की वास्तविक आय कम दिखाई देगी और वह अन्य सरकारी योजनाओं के लिए पात्र हो सकते हैं। परिवार पहचान पत्र हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई एक योजना है।