फतेहाबाद। जिले में भूमि पैमाइश के कार्य को तीव्र और सटीक बनाने के उद्देश्य से वीरवार को डीपीआरसी हॉल में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें चंडीगढ़ से आई सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने नवीनतम रोवर तकनीक के माध्यम से भूमि की पैमाइश करने के तरीकों का प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मनदीप कौर ने कहा कि सरकार ने भूमि रिकार्ड के डिजिटलीकरण और विवाद मुक्त बनाए जाने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। रोवर तकनीक से भूमि की पैमाइश कम समय में और अत्यधिक सटीकता के साथ की जा सकेगी, जिससे आमजन और किसानों को आर्थिक व समय की दृष्टि से लाभ मिलेगा। साथ ही भूमि विवादों में भी कमी आएगी। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों को जीएनएसएस आधारित रोवर तकनीक के उपयोग, संचालन एवं व्यावहारिक अनुप्रयोग की जानकारी दी गई।
उपायुक्त ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशासनिक कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने रोवर उपकरण की कार्यप्रणाली को अनुभव के माध्यम से समझा। उन्हें बताया गया कि आने वाले समय में जिले में भूमि पैमाइश के अधिकतर कार्य इसी तकनीक से किए जाएंगे।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से राजस्व कर्मचारियों को एक सशक्त तकनीकी आधार मिलेगा, जिससे वे अपने कार्यों को आधुनिक तकनीक से लैस कर सकें। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीडीपीओ अनूप सिंह, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के उप निदेशक अमित पंवार सहित संबंधित तहसीलदार, उप तहसीलदार व सभी राजस्व पटवारी, कानूनगो एवं प्रशिक्षणाधीन राजस्व पटवारी उपस्थित रहे।
भूमि की पैमाइश का डेमो करके दिखाया
प्रशिक्षण के दौरान सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से सैटेलाइट आधारित सटीक आंकड़ों के जरिये भूमि की वास्तविक स्थिति को चिन्हित किया जा सकता है। यह प्रक्रिया पारंपरिक विधियों की तुलना में न केवल तेज है, बल्कि मानवीय त्रुटियों की आशंका को भी न्यूनतम कर देती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम उपरांत गांव गिलाखेड़ा में जाकर सर्वे ऑफ इंडिया की विशेषज्ञ टीम ने रोवर के माध्यम से भूमि की पैमाइश करके डेमो दिखाया गया। टीम ने मौजूद अधिकारियों को यह दिखाया कि कैसे कुछ ही मिनटों में अत्याधिक सटीकता के साथ भूमि की सीमाओं की पहचान और माप की जा सकती है।