फतेहाबाद। गांव बड़ोपल में फसलों की मुआवजा राशि किसानों का न देकर अपने करीबियों और रिश्तेदारों के बैंक खाते में डालने के मामले में दर्ज मामले के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस विभाग की आर्थिक अपराध शाखा ने कमलजीत निवासी ढाणी मियाखां को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपी के पास से 1.60 लाख की नकदी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपी पटवारी का सहायक बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक जांच में संबंधित पटवारी को भी शामिल किया जाएगा। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, हिसार से मिली शिकायत के बाद जांच में एक बड़े मुआवजा घोटाले का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि गांव बड़ोपल में पटवारी राजेंद्र प्रसाद, कुछ कानूनगो, नायब तहसीलदार और तत्कालीन तहसीलदार रणविजय सुल्तानियां ने निजी सहायकों व अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत से किसानों के बीमा क्लेम और मुआवजा राशि में भारी गड़बड़ी की। जांच में यह भी पाया गया कि खरीफ वर्ष 2021 में खराबा फसल की क्षतिपूर्ति के लिए राज्य सरकार की ओर से गांव बड़ोपल के किसानों को 24.25 करोड़ की राशि जारी की गई थी।
आरोप है कि मुआवजा वितरण सूची में कई स्थानों पर फर्जी नाम, गलत बैंक खाता नंबर, और गैर-हकदार व्यक्तियों को अवैध रूप से बड़ी रकम जारी की गई। इस धोखाधड़ी में कमलजीत, राहुल, सुरजीत, सुन्दर उर्फ बिल्ला समेत कई निजी व्यक्तियों ने सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी खातों के माध्यम से लाखों रुपये की अवैध निकासी की, जबकि ये लोग पात्र सूची में शामिल ही नहीं थे।
जांच में यह भी सामने आया कि विभिन्न खातों में बार-बार अनुचित लाभ पहुंचाया गया और हेराफेरी की गई। इस मामले में राजेंद्र प्रसाद (पटवारी) सहित अन्य कानूनगो, नायब तहसीलदार, तत्कालीन तहसीलदार रणविजय सुल्तानियां और अन्य निजी व्यक्तियों के विरुद्ध थाना शहर फतेहाबाद में 30 मई 2025 को मामला दर्ज किया गया था।