भूना। उप तहसील कार्यालय परिसर में पटवार भवन उपलब्ध होने के बावजूद कई पटवारियों के अलग-अलग स्थानों पर बैठने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नई पेपरलेस इंतकाल प्रणाली के तहत ओटीपी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए लोगों को बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे इंतकाल सहित अन्य राजस्व कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं और लोगों का समय व पैसा दोनों व्यर्थ हो रहे हैं।
ग्रामीण रामकुमार, जगदीश चंद्र, कृष्ण कुमार, सुभाष चंद्र, रामनिवास व राम सिंह ने उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से मांग की है कि सभी पटवारियों की नियमित उपस्थिति उप तहसील कार्यालय स्थित पटवार भवन में सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को एक ही स्थान पर समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई पटवारी शहर में निजी भवन किराये पर लेकर कामकाज कर रहे हैं जबकि तहसील परिसर में पटवार भवन की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद निजी स्थानों से इंतकाल और अन्य राजस्व कार्य किया जाना लोगों की सुविधा के विपरीत है। उन्होंने बताया कि पेपरलेस प्रणाली में ओटीपी लेने के लिए पटवारियों को उप तहसील कार्यालय आना पड़ता है।
इस प्रक्रिया में देरी होने से आवेदकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उप तहसील परिसर का पटवार भवन अधिकांश समय खाली रहता है और वहां चौकीदार परिवार सहित रह रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पटवार भवन का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के लिए कराया जाए ताकि लोगों को एक ही स्थान पर सभी राजस्व सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।