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पराली जलाने पर चार को शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के नोटिस, 20 किसान गिरफ्तार

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जिले के एक गांव में पराली में लगी आग को बुझाते हुए सरकारी कर्मचारी। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। धान की पराली जलाने का मसला प्रशासन के गले की फांस बनता जा रहा है और इसी के चलते जिलेभर के किसानों के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती भी कम होने का नाम तक नहीं ले रही। वीरवार को जिला प्रशासन ने 50 से अधिक किसानों के खिलाफ नए मुकदमे दर्ज करवा दिए। इसके इसके अलावा 4 किसानों को शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के नोटिस थमा दिए गए।
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इसके अलावा पहले से जिन किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, उनमें से 22 किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जाखल ब्लॉक के गांव जापतेवाला की पूरी पंचायत के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस सीजन में पराली जलाने की लगभग दो हजार से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार फतेहाबाद जिले में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधीश एवं उपायुक्त धीरेन्द्र खडग़टा ने पराली जलाने वाले चार शस्त्र लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किया है। जिलाधीश ने पराली जलाने वाले शस्त्र लाइसेंस धारक जिसमें गुरजंट सिंह पुत्र महेंद्र सिंह निवासी भुंदडवास (लाइसेंस नंबर 276-आईएक्स-डीएम-एचएसआर), हरदीप सिंह पुत्र बलविंद्र सिंह निवासी सरदारेवाला (2011/एएल/96/डीएम/एफटीबी), खैराती लाल पुत्र खान चंद निवासी बलियाला (94/वी/डीएम/एफबीडी) तथा सुरेन्द्र पुत्र मनीराम निवासी बरसीन (5-11-डीएम-एफटीबी) को दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किया है।
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उन्होंने कहा कि धान व अन्य फसली अवशेष को जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है वहीं स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। भविष्य में जो भी व्यक्ति अवशेष जलाने का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह ने प्रबंधक अफसर सदर थाना रतिया व शहर फतेहाबाद से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार लाइसेंसधारक किसानों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188तथा प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन करने पर शस्त्र लाईसेंस रद्द करने की सिफारिश की है।
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पराली की आग बुझाते समय नोडल अधिकारी के हाथ झुलसे
भूना। गांव बोस्ती के खेतों में धान की पराली में लगी हुई आग को बुझाते समय नोडल ऑफिसर झुलस गया। जिसके दोनों हाथ आग के कारण जख्मी हो गए। जख्मी नोडल ऑफिसर को एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। जानकारी के अनुसार बुधवार को बोस्ती एरिया में धान की पराली में आग लगी देखकर पराली प्रबंधन टीम बोस्ती ने फायर ब्रिगेड गाड़ी को मौके पर बुलाया। लेकिन आग अधिक बढ़ती दिखी तो टीम के सदस्य स्वयं वृक्षों की टहनियां तोड़कर आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करने लगे। परंतु टीम में शामिल नोडल ऑफिसर एवं ग्राम सचिव बलवान सिंह आग में घिर गए। जिससे उसके दोनों हाथ जल गए। मगर दो घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। सरपंच जगदीश चंद्र व नंबरदार जयपाल जागंड़ा तथा पटवारी सोनू सैनी ने अपने टीम के साथी को तुरंत इलाज के लिए भूना लेकर पहुंचे। नोडल ऑफिसर को उपचार के बाद छुट्टी दे दी। इस संबंध में कार्यवाहक समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह कुंडू ने बताया कि नोडल ऑफिसर एवं ग्राम सचिव निष्ठा पूर्वक अपने-अपने इलाका में सरकार तथा प्रशासन की नीतियों पर काम कर रहे हैं। मगर वह अपनी जान को भी जोखिम में डालने में पीछे नहीं हटते। जिससे बलवान सिंह की बहादुरी उदाहरण के रूप में है।
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