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Fatehabad News: पेपरलेस रजिस्ट्री बनी सिरदर्द, आवेदन खारिज होने पर फिर देनी पड़ रही फीस

Thu, 06 Nov 2025 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के रजिस्ट्री कार्यालय में काम के लिए आए लोग। संवाद
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फतेहाबाद। प्रदेश में 1 नवंबर से लागू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। नए सिस्टम में यदि किसी के आवेदन में कोई कमी पाई जाती है तो रजिस्ट्रार के पास उसे सुधारने का कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में आवेदन खारिज होने पर उपभोक्ता को दोबारा पूरा आवेदन करना होगा और इसके लिए फिर से 503 रुपये फीस फिर से जमा करवानी पड़ रही है।
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पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब केवल 5 बार ही आवेदन करने की अनुमति होगी। इतना ही नहीं, यदि उसका आवेदन किसी कारणवश रद्द हो जाता है, तो उसे दोबारा आवेदन करने पर 503 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस फिर से चुकानी होगी।
वहीं शहर के अल्फा, सोमा सिटी व विकास टाउन की रजिस्ट्री पर आपत्ति लग रही है, वजह ये है कि ईडीसी बकाया है। इसके चलते नए साफ्टवेयर में फाइल आगे नहीं बढ़ रही है। दीनदयाल योजना के तहत कटी कॉलोनियों में भी दिक्कत आ रही है।
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धीमी हुई प्रक्रिया, लोग परेशान



फतेहाबाद तहसील में पिछले चार दिनों में सिर्फ 10 रजिस्ट्री ही हो पाईं। जबकि पुराने सिस्टम में प्रतिदिन 50 के करीब रजिस्ट्रियां होती थीं। फतेहाबाद तहसील में 25 लोगों ने आवेदन किया, जिसमें से केवल 12 को ही टोकन जारी हुए और सिर्फ 10 रजिस्ट्रियां ही हो पाईं। पुराने सिस्टम के अनुसार रोजाना 50-60 रजिस्ट्रियां होती थीं। अधिकारियों का मानना है कि लोगों को अभी नए सिस्टम और जरूरी दस्तावेजों की कम जानकारी है, जिससे प्रक्रिया धीमी है।

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प्रकिया को समझने में लग रहा समय

फतेहाबाद तहसील में डीड राइटर का काम करने वाले राहुल कुमार का कहना है कि आवेदन खारिज होने पर दोबारा फीस जमा करना उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आवेदन खारिज करने के बजाय सब रजिस्ट्रार कमियां दूर कराएं या उपभोक्ता को सुधार का विकल्प दें, जिससे लोगों का पैसा और समय बर्बाद न हो।



ऑनलाइन प्रकिया के लिए नहीं है जागरुक

फतेहाबाद तहसील सहित अन्य तहसील कार्यालय में 1 नवंबर से अब तक काफी कम रजिस्ट्रियां हुई है। उसका मुख्य कारण है कि सरकार की ओर से जारी किए गए ऑनलाइन पोर्टल के बारे में जानकारी न होना। यह नियम खासकर उन लोगों के लिए मुश्किल पैदा कर है जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं या जिन्हें नई ऑनलाइन प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है। छोटी सी गलती या अधूरे दस्तावेज़ के कारण आवेदन रद्द हो सकता है और पांच मौके खत्म होने पर व्यक्ति को किसी ओर के नाम रजिस्ट्रेशन करवाकर रजिस्ट्री करवानी पड़ेगी।
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आवेदन खारिज होने पर उपभोक्ताओं को दोबारा फीस चुकानी पड़ रही है। जो भी समस्याएं है उसमें जल्द सुधार होने की उम्मीद है।

- श्याम लाल, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।
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