रतिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने ग्रामीण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 233 ग्राम पंचायतों पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की नई ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति लागू की है। विभाग के सलाहकार शर्मा चंद लाली ने बताया कि ग्रामीण जल संरक्षण अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को पानी बिल की वसूली, रखरखाव और प्रबंधन में बड़ी भूमिका दी गई है।
लाली के अनुसार पंचायत जितना राजस्व पानी बिल के रूप में एकत्रित करेगी, उसके आधार पर सरकार भी उतनी ही अतिरिक्त आर्थिक सहायता पंचायत खाते में देगी। इससे पंचायतों को जल सुविधाओं के सुधार और विस्तार पर खर्च करने की सीधी शक्ति मिलेगी। योजना के तहत सबसे अधिक 51 गांव फतेहाबाद ब्लॉक के जोड़े गए हैं।
वहीं एक से अधिक गांवों के साथ मिलकर बनीं करीब 30 बड़ी ग्राम पंचायतों को 2027 से योजना में जोड़ा जाएगा। चयनित की गईं ग्राम पंचायतों के बैंक खातें खोले जा रहे हैं और इनका लिंक सीधा मुख्यालय स्तर पर सिंगल खाते से जुड़ा होगा।
अधिकारियों के अनुसार गांव से जल प्रबंधन के तहत जितना राजस्व बिल के रूप में एकत्रित पंचायतें करेंगी वे सीधा मुख्य खाते में डालेंगी इसके बाद पंचायत की ओर से डाली गई राशि के साथ उतना ही पैसा सरकार अपनी तरफ से एड करके डबल राशि को वापस पंचायत के खाते में डालेगी। पंचायत को डबल होकर मिलने वाली इस राशि का प्रयोग जल प्रबंधन के कार्यों में पंचायत प्रयोग करेगी।
योजना के अनुसार पंचायतें अब पानी के कनेक्शन से लेकर बिल वसूली, शिकायत निवारण, मीटरिंग और जल गुणवत्ता की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगी। उपभोक्ताओं से प्राप्त कुल जल शुल्क का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के खातों में जमा किया जाएगा जिससे उनकी भागीदारी और सक्रियता बढ़ेगी।
वहीं पंचायतों को पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप और अन्य परिसंपत्तियों की मरम्मत व रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके साथ ही जल हानि को कम करने, अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई और जल अनुशासन लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन गांवों को मिलेगा येाजना का लाभ
योजना के तहत खंड स्तर पर फतेहाबाद में 51, भट्टूकलां में 22, भूना में 22, नागपुर में 35, रतिया में 44, जाखल में 17 व टोहाना में 42 गांवों का चयन किया गया है। इससे बेहतर जलापूर्ति के साथ पंचायतों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।