धान की फसल लगभग तैयार हो चुकी है और बिक्री के लिए अनाज मंडी में भी पहुंच चुकी है लेकिन मंडी में किसानों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। धान की खरीद एक अक्तूबर से प्रारंभ होगी। मगर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों का निर्माण अधूरा है। लक्ष्मी अनाज मंडी के मुख्य द्वार की सड़क जर्जर होने के कारण इंटरलॉक बनाने के लिए प्रस्तावित है। परंतुु मौके की सड़क को उखाड़ा जा चुका है और ईंटों को भी मौके पर रखा हुुआ है। कछुआ चाल से हो रहा निर्माण कार्य किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ये काम एक महीने पहले होना चाहिए था। वह अब मौके पर धीमी गति से हो रहा है। सरकार ने खरीद एजेंसियों को खरीद की प्रक्रिया अक्तूबर से शुरू करवाने की हिदायत दी हुई है।
मार्केट कमेटी सचिव बोले, बिजली पानी व शौचालय का हुआ प्रबंध
मार्केट कमेटी के सचिव ईश्वर सिंह ढाका ने बताया कि मंडी में खरीद केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए बिजली पानी व शौचालय के अधिक की विशेष व्यवस्था की गई है। लक्ष्मी मंडी में परमल धान करीब 400 क्विंटल के लगभग तथा 1509 किस्म की धान करीब एक हजार क्विंटल बिक्री के लिए पहुंच चुकी है। परंतु सड़कों का निर्माण मार्केटिंग बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में मार्केटिंग बोर्ड के उप मंडल अधिकारी राजेश कुमार माचरा ने बताया कि ठेकेदार को तुरंत प्रभाव से कार्य करने का दिशा निर्देश दिया हुआ है। उन्होंने बताया कि दो दिन के अंदर निर्माण कार्य से संबंधित कोई समस्या नहीं रहेगी।