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Fatehabad News: खेतों में अभी खड़ी है धान, सरकार ने 15 के बाद खरीद बंद करने के दिए आदेश

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फतेहाबाद की पुरानी अनाज में धान की खरीद करते व्यापारी
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में बाढ़ के कारण एक लाख एकड़ से अधिक धान की फसल प्रभावित हुई थी और यहां पर दोबारा धान की रोपाई हुई है, जो अभी पूरी तरह से पकी नहीं। इस बीच सरकार ने खरीफ फसल की सरकारी खरीद को 15 नवंबर के बाद बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं, ऐसे में किसानाें को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उनको निजी हाथों में औने-पौने दामों में अपनी फसल को बेचना पड़ेगा।
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फतेहाबाद में जुलाई माह में घग्गर नदी के तटबंध टूटने के कारण जाखल, रतिया, टोहाना, कुलां व फतेहाबाद में बाढ़ आई थी। बाढ़ के कारण जहां ढाणियों के पानी भर गया था, वहीं एक लाख तीन हजार 601 एकड़ धान की फसल भी बाढ़ की चपेट में आकर खराब हो गई थी। अगस्त में जब बाढ़ का पानी निकला तो किसानों ने यहां पर कृषि विभाग व अन्य किसानों की मदद से दोबारा धान की रोपाई की। किसानों ने हाईब्रिड धान की रोपाई की थी, ताकि दो माह में सफल पक जाए। अब फसल पर दाने आ चुके हैं और वह पकने को तैयार है। किसानों ने नई धान की फसल में बासमती की 1121 व 1692 की किस्मों की बिजाई के साथ-साथ परमल की बिजाई भी की थी। सरकार ने खरीफ फसल की खरीद का शेड्यूल 25 सितंबर से आरंभ की थी और खरीद 15 नवंबर तक होनी थी। खरीद का बुधवार को अंतिम दिन होगा, ऐसे में उन किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, जिन्होंने दोबारा अपने खेतों में धान की रोपाई की है और उनकी फसल अगले सप्ताह से कटनी आरंभ होगी।

डीसी ने भी लिखा था पत्र
धान की खरीद का शेड्यूल बढ़ाने के लिए फतेहाबाद के उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने भी गत दिनों खरीफ सीजन वर्ष 2023-24 के दौरान धान खरीद की समय अवधि बढ़वाने बारे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के महानिदेशक को पत्र लिखा था। पत्र के माध्यम से उपायुक्त ने विभाग के महानिदेशक से अनुरोध किया था कि जिला में 30 नवंबर तक पैडी की खरीद की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो और उनकी फसल खरीदी जा सके।
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सरकार ने 15 नवंबर तक ही खरीद के दिए आदेश
इस बीच सरकार ने 15 नवंबर तक ही खरीफ की फसल खरीदने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने भी इसकी पुष्टि की है। सरकार के अनुसार, 25 सितंबर से खरीफ की फसलों की सरकारी खरीद आरंभ की गई थी और यह 15 नवंबर तक ही चलेगी।


किसानों को होगी परेशानी
गांव बोसवाल के किसान लवजीत सिंह, देवकरण, रजाबाद के रसप्रीत सिंह ने बताया कि बाढ़ के कारण उनकी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। दोबारा खर्चा करके उन्होंने धान की फसल लगाई है और अब सरकार ने धान की सरकारी खरीद बंद कर दी है, जिस कारण उनकी परमल धान औने-पौने दामों पर ही बिकेगी।


जिले में अब तक आठ लाख 64 हजार एमटी धान की आवक
जिले में अब तक आठ लाख 64 हजार मीट्रिक टन धान की आवक के साथ खरीद भी हो चुकी है। 64 हजार 627 किसानों को 1763.07 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब तक 99.13 फीसदी किसानों को धान का भुगतान हुआ और मंडियों में 93.40 फीसदी धान का उठान हो चुका है।

सरकारी आदेशों के अनुसार, 15 नवंबर तक खरीफ फसल की खरीद होनी है। इसके बाद सरकारी खरीद बंद हो जाएगी। फसल खरीद को आगे बढ़ाने के कोई आदेश हमारे पास नहीं आए हैं। वैसे मंडियों में लगभग धान आ चुका है। दोबारा हुई बिजाई में परमल की कम बल्कि बासमती की अधिक बिजाई हुई है।
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-विनीत जैन, डीएफएससी फतेहाबाद।

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