फतेहाबाद। मां सुनीता के साथ गौतम। स्वयं
फतेहाबाद। सांस की नली में दिक्कत के चलते डॉक्टरों ने 14 वर्षीय गौतम को स्टेमिना वाले खेलों से दूर रहने की सलाह दी थी लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। वुशु को अपना लक्ष्य बनाकर छह साल तक कड़ी मेहनत की और चीन के जिआन शहर में आयोजित जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीत लिया।
गौतम की इस उपलब्धि ने उसकी मेहनत और जज्बे को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। गौतम पिछले छह वर्षों से वुशु का प्रशिक्षण ले रहा है। वह चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। रोजाना करीब पांच घंटे अभ्यास करने वाले गौतम को कोच दिनेश भोभिया और प्रदीप सिंह ने प्रशिक्षण दिया।
दोनों प्रशिक्षकों ने नियमित अभ्यास के साथ उसके लिए डाइट शेड्यूल भी तैयार किया। लगातार मेहनत से गौतम ने अपनी शारीरिक चुनौती पर काबू पाया और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। गौतम मॉडल टाउन स्थित सीनियर मॉडल स्कूल की बोधीधर्मा वुशु अकादमी में प्रशिक्षण लेता है। वह पुलिस डीएवी स्कूल फतेहाबाद में 10वीं कक्षा का छात्र है।
उसकी मां सुनीता हरियाणा पुलिस में एएसआई हैं और साइबर क्राइम शाखा में कार्यरत हैं। गौतम का अगला लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। उसकी उपलब्धि पर अकादमी संचालक राकेश कुमार, स्कूल समिति के प्रधान नीरज शर्मा और प्रिंसिपल सीताराम बिश्नोई ने खुशी जताते हुए बधाई दी है।