रतिया। गांव ब्राह्मणवाला के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने कमरों की खस्ताहाल हैं। ऐसे में विद्यार्थियों पढ़ाई बाधित हो रही है। दोनों स्कूल में पढ़ने वाले करीब 760 विद्यार्थियों के लिए बनाए गए 18 कमरों में से 6 की हालत खस्ता है।
इस कारण विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए कभी पेड़ों के नीचे तो कभी खस्ताहाल कमरों में बैठने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दोनों स्कूल में स्वीकृत 22 अध्यापकों में से 9 की भी कमी है। कमरों की खस्ताहालत और अध्यापकों की कमी के बारे में गांव की पंचायत भी शिक्षा विभाग को पत्र लिख चुकी है।
पिछले 2 साल से खस्ताहाल हुए इन कमरों की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि हरजीवन सिंह ने बताया कि जब हरियाणा पंजाब का हिस्सा था तब से ही उनके गांव में राजकीय प्राइमरी स्कूल था। उसके बाद 1995 में विधायक पीरचंद ने स्कूल को अपग्रेड करवाया। कुछ साल पूर्व ही इस स्कूल को प्राइमरी स्कूल मॉडल संस्कृति का दर्जा मिला है।
इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी स्कूल भी है। प्रतिनिधि ने बताया कि दो साल पूर्व क्षेत्र में आई बाढ़ के चलते उनके गांव का स्कूल पूरी तरह से उसकी जद में आ गया। इस कारण स्कूल की चहारदीवारी भी गिर गई थी। पानी से प्राइमरी स्कूल के 4 कमरे पूरी तरह खस्ताहाल हो गए थे। इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी स्कूल दो कमरे जर्जर हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से विद्यार्थी स्कूल में कमरों की कमी सामना कर रहे हैं। जिस कारण विद्यार्थियों को इधर-उधर बैठ कर अपनी कक्षाएं लगानी पड़ रही है। सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि स्कूल में 760 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अध्यापकों की भी कमी है तथा गांव की पंचायत इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक से मिल चुकी है।
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स्कूल के प्रिंसिपल सुरेश कुमार ने बताया कि स्कूल के 6 कमरों की बाढ़ आने के दौरान पानी भरने से हालत खराब हो गई थी। जिसके चलते स्कूल के 12 कमरों में ही कक्षाएं लगानी पड़ रही है। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। स्कूल में 22 अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं तथा 13 अध्यापक कार्यरत हैं। स्कूल में 9 अध्यापक की कमी बनी हुई है। इसकी रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
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गांव-ब्राहम्णवाला
स्कूल का नाम - राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी एवं राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल
स्थापना - 1956
स्वीकृत शिक्षकों की संख्या - 22
कार्यरत शिक्षक - 13
कमरों की संख्या - 18
जर्जर हालत में - 6
कमरों की आवश्यकता - 6