फतेहाबाद। गर्मियों में बिजली का लोड बढ़ने के साथ ही शॉर्ट सर्किट होने और उससे आग लगने आशंका भी बढ़ जाती है। नागरिक अस्पताल में ऐसी परिस्थिति में आग लगने की घटना से निपटने के लिए पूरे प्रबंध नहीं हैं। अस्पताल में फायर एक्सटिंग्विशर यानि सिलिंडर जरूर लगे हैं लेकिन ये भी आधे-अधूरे हैं।
यही नहीं जिला नागरिक अस्पताल बिना फायर एनओसी के चल रहा है। इसका कारण यह रहा कि अस्पताल प्रशासन ने पिछले साल आग लगने की घटना से निपटने के लिए स्वचालित फायर सिस्टम के लिए 1.86 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा था लेकिन इसे मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिली। यही नहीं अस्पताल में तय मानकों के मुताबिक एंट्री और एग्जिट भी नहीं है।
आग से निपटने के लिए जिला नागरिक अस्पताल प्रशासन कितना तैयार है इस बारे में पड़ताल की गई तो सामने आया कि आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर और नर्सरी के बाहर भी बेहतर प्रबंध नहीं है। सोमवार को पड़ताल में सामने आया कि यहां पर फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने का यंत्र) भी नहीं मिले। इसके अलावा न ही यहां पर मिट्टी से भरी बाल्टी रखी मिली।
50 बेड के हिसाब से अस्पताल, चल रहा 100 बिस्तर का
नागरिक अस्पताल की क्षमता 50 बेड की है और जबकि संचालक 100 बेड का है। डॉक्टरों के बैठने के लिए जगह न होने के कारण गैलरी में केबिन बनाए गए हैं। ऐसे में रास्ते भी बंद हुए हैं।
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इमरजेंसी के अंदर नहीं अग्निशामक यंत्र
नागरिक अस्पताल के प्रथम तल पर तय जगह पर अग्निशामक यंत्र लगे हैं लेकिन अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के अंदर यंत्र नहीं लगे हैं। इसके अलावा माइनर ओटी में कोई प्रबंध नहीं है। जच्चा-बच्चा वार्ड में दोपहर करीब 12 बजे पड़ताल की गई तो यहां पर अग्निशामक यंत्र भी नहीं लगे मिले। इसके अलावा न ही यहां पर मिट्टी से भरीं बाल्टियां मिली। जबकि नर्सरी के अंदर मशीनें संचालित हैं। यही स्थिति पुरुष वार्ड और ऑपरेशन थियेटर के बाहर मिली।
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अस्पताल में ये प्रबंध होने जरूरी
नागरिक अस्पताल में आग लगने से बचाव के लिए ओवरहेड पंप होने चाहिए। हर 30 मीटर पर राइजर होना चाहिए। हर फ्लोर पर डिलीवरी आउटलेट होना चाहिए। फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर लगा होना चाहिए। स्प्रिंकलर फायर सर्विस इनलेट उपलब्ध होना चाहिए। इस सिस्टम से आग लगने की छोटी सी घटना होने पर ही उसे जल्द ही बुझाया जा सकता है।
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जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक के बाहर रखी बाल्टियां
नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक के बाहर अस्पताल प्रशासन की तरफ से आग की घटना से निपटने को लेकर रेत से भी भरी बाल्टियां रखी गई हैं।
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अस्पताल के नए भवन का निर्माण जारी है। पिछले दिनों फायर उपकरण लगाने के लिए मुख्यालय में करीब 1.86 करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया था लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिली है। अग्निशामक यंत्र को रिफिल करवाए जा रहे हैं। इन्हें लगाने की प्रक्रिया जारी है। आग की घटना से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी करवाई गई है।
- डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।